
नागपुर, 19 मई . नीट पेपर लीक मामले की जांच के लिए Tuesday को सीबीआई नागपुर पहुंची, जहां दिल्ली और नागपुर की सीबीआई टीमों ने विदर्भ में तीन उम्मीदवारों से पूछताछ की और उनके घरों पर तलाशी ली. इनमें से दो उम्मीदवार नागपुर के हैं, जबकि एक चंद्रपुर जिले का है.
इस जांच को लेकर सीबीआई सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी की भी गिरफ्तारी या फिर किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है. सीबीआई की टीमों ने परीक्षार्थियों के घर पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया.
नीट पेपर लीक मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. Monday को लातूर स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया गया.
सीबीआई ने बताया कि मोटेगांवकर ‘आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट’ के मालिक हैं. यह इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली नीट यूजी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को कोचिंग देता है.
जांच एजेंसी ने बताया कि आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट की नौ शाखाएं हैं, जिनमें से इसकी मुख्य शाखा Maharashtra के लातूर में स्थित है.
माना जा रहा है कि मोटेगांवकर केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के करीबी हैं. कुलकर्णी एनटीए से जुड़े हुए हैं और सीबीआई पहले भी उनसे पूछताछ कर चुकी है.
दूसरी ओर, नीट पेपर लीक मामले में विपक्षी दलों की ओर से लगातार केंद्र Government पर दबाव बनाया जा रहा है. विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है और साथ ही एनटीए को भंग करने की मांग भी तेज है.
इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने Tuesday को नीट (यूजी) री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की है. नीट यूजी की यह परीक्षा अब 21 जून को होनी है. पहले यह परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक होने के बाद 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई. फिलहाल, सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है.
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई सभी कमियों को पूरी तरह दूर किया जाए. इस बार परीक्षा का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित, निर्बाध और त्रुटिरहित तरीके से सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है.
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डीकेएम/डीकेपी
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