
Bhopal , 29 मई . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कटारा हिल्स स्थित घर में कथित तौर पर खुदकुशी करने वाली ट्विशा शर्मा से जुड़ी घटना की जांच तेज कर दी है. सीबीआई फोरेंसिक और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके सीन री-क्रिएशन कर रही है, ताकि घटना से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाई जा सके.
सूत्रों ने को बताया कि इस डिजिटल पुनर्निर्माण में घटना वाली रात की cctv फुटेज, मोबाइल फोन की गतिविधि, घर के वाईफाई लॉग, इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तीन मंजिला घर की फॉरेंसिक मैपिंग को शामिल किया गया है.
इस वर्चुअल टाइमलाइन को इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि अपने अंतिम समय में ट्विशा कहां थीं, कौन-कौन से मोबाइल डिवाइस चालू थे और घर में कौन-सी ऑनलाइन गतिविधियां हुई थीं.
Friday को Bhopal की एक जिला अदालत ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 2 जून तक पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद जांच का दबाव और बढ़ गया.
विशेष न्यायाधीश शोभना भालवे ने दहेज उत्पीड़न, क्रूरता और कथित उकसावे के आरोपों में मां-बेटे से पूछताछ के लिए रिमांड मंजूर कर ली.
सीबीआई अधिकारियों ने अदालत को बताया कि कई उपकरणों से मिले इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को लेकर आरोपियों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है.
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या स्थानीय Police की शुरुआती जांच के दौरान कोई डिजिटल डेटा डिलीट किया गया, उसमें बदलाव किया गया या उसे जानबूझकर छिपाया गया.
गिरिबाला को Thursday को उनके कटारा हिल्स स्थित घर से गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी Madhya Pradesh हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद हुई.
अदालत ने अंतरिम राहत रद्द करते हुए कहा कि व्हाट्सऐप चैट और परिवार के बयानों से यह संकेत मिलता है कि आरोप केवल उसके पति तक सीमित नहीं थे.
इस बीच, Friday को जिला अदालत द्वारा मां-बेटे की जोड़ी को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजे जाने के बाद, ट्विशा के पारिवारिक वकील एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव ने शुरुआती जांच में कमियों का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “इसमें लगभग 40 से 45 मोबाइल नंबर शामिल थे, लेकिन शुरुआत में गिरिबाला सिंह के फोन से कोई कॉल रिकॉर्ड नहीं मिला.”
उन्होंने आगे कहा कि बाद में रिकॉर्ड से पता चला कि कई लोगों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी और उन कॉल रिकॉर्ड में कुछ Police अधिकारी भी शामिल थे.
उन्होंने दावा किया कि अदालत में पेश किए गए कॉल डिटेल्स चुनिंदा थे और उन्होंने आरोप लगाया कि cctv फुटेज को जब्त किए जाने से पहले उसमें छेड़छाड़ की गई थी.
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एसएचके/डीकेपी
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