
कोलकाता, 23 जून . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Tuesday को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई नरसंहार मामले में घोषित अपराधी रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख को कोलकाता के मिर्जा गालिब रोड से गिरफ्तार किया. यह आरोपी इस मामले में First Information Report दर्ज होने के बाद से ही काफी लंबे समय से फरार था और कभी भी जांच या ट्रायल में शामिल नहीं हुआ.
इसी के संबंध में सीबीआई ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 25 मार्च 2022 के आदेश का पालन करते हुए बोगतुई नरसंहार मामले से जुड़ी रामपुरहाट Police स्टेशन की First Information Report को अपने हाथ में लेकर यह मामला दर्ज किया था, जिसमें 10 लोग जलकर मर गए थे.
मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 2022-24 के दौरान इस मामले में 27 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और 3 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कीं, जिनमें आरोपी रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख भी शामिल था. आरोपी लंबे समय से इस मामले में छिप रहा था और ट्रायल की प्रक्रिया से बच रहा था, इसलिए रामपुरहाट की सक्षम अदालत ने 5 अप्रैल 2024 के आदेश के जरिए उसे घोषित अपराधी करार दिया था.
वहीं, गिरफ्तार आरोपी को 24 जून को पूर्व बर्धमान की सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाएगा.
बता दें कि सीबीआई द्वारा की गई इसी प्रकार की कार्रवाई का एक दूसरा मामला Monday को New Delhi से सामने आया, जहां सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े मामलों की चल रही जांच के सिलसिले में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व डायरेक्टर और सीईओ देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया.
सीबीआई जांच में पता चला कि आरसीएफएल मामले में आरोपियों ने 13 पब्लिक सेक्टर बैंकों (पीएसबी) को 4,097 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया, जबकि आरएचएफएल मामले में 10 आरएचएफएल को 3,526 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.
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डीके/डीकेपी
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