
चंडीगढ़, 2 जुलाई . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने Haryana राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के तत्कालीन सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ के सेक्टर 32 ब्रांच में मौजूद बोर्ड के अकाउंट से सरकारी फंड के गबन के मामले में की गई है.
सीबीआई ने बताया कि जांच में पता चला कि गलत कामों के लिए इस्तेमाल किया गया बैंक अकाउंट परवीन कुमार ने चुपके से खुलवाया था, जिसका विभाग में कोई रिकॉर्ड या मंजूरी नहीं थी. सीबीआई के मुताबिक, उन्होंने बाद में किए गए धोखाधड़ी वाले लेन-देन को आसान बनाने के लिए इस अकाउंट का इस्तेमाल किया.
सीबीआई ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार Haryana Government के सरकारी कर्मचारियों की संख्या चार हो गई है और अब तक इस मामले में कुल 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
सीबीआई ने बताया कि चेक/डेबिट नोट का इस्तेमाल करके बोर्ड के फंड का गलत इस्तेमाल किया गया और डेबिट की गई रकम को आरोपियों द्वारा कंट्रोल और ऑपरेट की जाने वाली शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) में भेज दिया गया.
हालांकि, अकाउंट परवीन कुमार ने साइन करने वाले (सिग्नेटरी) के तौर पर खुलवाया था, लेकिन अकाउंट में एक दूसरे आरोपी का मोबाइल नंबर रजिस्टर किया गया था, जो विभाग में काम नहीं करता था, ताकि अकाउंट में धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता न चल सके.
जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर उनकी सक्रिय भूमिका सामने आई और उन्हें Thursday को गिरफ्तार कर लिया गया. सीबीआई ने अब तक एचएसपीसीबी के दो अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है.
सीबीआई ने बताया कि एचएसपीसीबी में हुई धोखाधड़ी, सेक्टर 32 आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ब्रांच में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा है. इस घोटाले में Haryana Government के आठ विभागों के 504 करोड़ के फंड को फर्जी/नकली फिक्स्ड डिपॉजिट/डेबिट नोट के जरिए निकाला गया और शेल कंपनियों में भेज दिया गया.
अब तक सीबीआई ने Haryana के इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के छह बैंक अधिकारी, Haryana Government के तीन सरकारी कर्मचारी, दो कंपनियां और छह प्राइवेट व्यक्ति शामिल हैं.
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डीके/
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