
New Delhi, 21 अगस्त . सीबीआई ने Friday को एक उद्घोषित अपराधी (पीओ) को गिरफ्तार किया, जो लगभग 23 वर्षों से फरार था. उस पर ट्रकों से ग्राहकों तक सामान ले जा रहे 9 लाख रुपए के माल की चोरी का आरोप है.
सीबीआई द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, जांच एजेंसी के निरंतर प्रयासों के बाद रूप सिंह को Friday को गिरफ्तार किया गया.
इससे पहले, सह-आरोपी अर्जुन सिंह को लगभग 22 वर्षों तक फरार रहने के बाद 7 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
सीबीआई का मामला Maharashtra के अमलनेर Police स्टेशन में 4 अक्टूबर, 1998 को दर्ज केस से शुरू हुआ था. इसमें दो ट्रकों में लदे घी और मूंग सहित माल की कथित चोरी और गबन का आरोप है.
आरोप है कि 27 सितंबर, 1998 को दो ट्रक चालकों, बाबू खान और असलम खान ने माल की चोरी और गबन किया था.
औरंगाबाद स्थित बॉम्बे उच्च न्यायालय ने दिनांक 25 फरवरी, 2002 के अपने आदेश के माध्यम से आपराधिक रिट याचिका संख्या 547/2000 दिनांक 27 नवंबर, 2000 को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया.
तदनुसार, सीबीआई ने 5 अप्रैल, 2002 को बाबू खान, असलम खान और अन्य के विरुद्ध मामले को आरसी-4(एस)/2002-सीबीआई, एससीबी, Mumbai के रूप में पुनः पंजीकृत किया.
सीबीआई ने बताया कि जांच के बाद सीबीआई ने 19 दिसंबर, 2003 को अमलनेर स्थित जेएमएफसी की अदालत में रूप सिंह, अर्जुन सिंह, बाबू खान और असलम खान के विरुद्ध आपराधिक गबन, साजिश और उकसाने से संबंधित अपराधों के लिए आरोपपत्र दाखिल किया.
सीबीआई ने बताया कि जांच में पता चला है कि रूप सिंह और अर्जुन सिंह ने दो ट्रक ड्राइवरों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रचते हुए किसी अन्य पक्ष को पहुंचाने के लिए रखे गए माल का अवैध रूप से गबन किया.
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी रूप सिंह और अर्जुन सिंह को जमानत पर रिहा कर दिया गया और बाद में वे फरार हो गए. सक्षम न्यायालय ने 11 नवंबर, 2010 को उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया. आरोपी बाबू खान और असलम खान मामले की शुरुआत से ही फरार थे.
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एमएस/
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