मंदिर में जातिगत भेदभाव गंभीर मुद्दा, देवी-देवता किसी एक के नहीं: अवधेश प्रसाद

Lucknow, 20 अगस्त . Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर केंद्र Government से जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि यह मामला देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है और इस पर Government को स्पष्ट जवाब देना चाहिए. साथ ही, उन्होंने मंदिर में जाति के आधार पर कथित भेदभाव के आरोपों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि देवी-देवता किसी एक व्यक्ति या Political दल के नहीं, बल्कि सभी के हैं.

राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों को गंभीर बताते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत उनकी पार्टी लगातार Prime Minister से इस मामले में जवाब मांगती रही है. केवल Political दल ही नहीं, बल्कि देश के लोग भी इस मुद्दे पर जवाब चाहते हैं. यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर से जुड़ा मामला है और इसमें कथित चोरी या अनियमितता के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. Government यदि किसी को बचाने की कोशिश कर रही है तो वह अपनी तरफ से ऐसा कर सकती है, लेकिन भगवान राम के मंदिर से जुड़ी आस्था के मामले में जनता जवाब चाहती है.

सपा सांसद ने तुलसीदास की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब किसी न किसी शक्ति का उदय होता है. भगवान राम की धरती पर स्वयं प्रभु श्रीराम विराजमान हैं और किसी भी गलत कार्य का अंत निश्चित है. Government भले ही किसी को बचाने की कोशिश करे, लेकिन मंदिर और भगवान राम से जुड़े मामले में अंततः न्याय होना चाहिए.

भाजपा विधायक जय देवी कौशल द्वारा शीतला माता मंदिर में दर्शन से कथित तौर पर रोके जाने के आरोपों पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी. सपा सांसद ने कहा कि देवी-देवताओं को किसी एक व्यक्ति या Political दल की संपत्ति नहीं माना जा सकता. उन्होंने भाजपा पर धर्म और देवी-देवताओं के नाम पर अपना आधिपत्य स्थापित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. अवधेश प्रसाद ने कहा कि देवी-देवता सभी के हैं और किसी एक व्यक्ति, समाज या पार्टी के नहीं हैं. यदि किसी जनप्रतिनिधि को केवल उसकी जाति के आधार पर मंदिर में प्रवेश से रोका गया है, तो यह बेहद गंभीर और अपमानजनक बात है.

उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों में जाति के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए. समाज में सभी लोगों को समान सम्मान मिलना चाहिए. Government बदलेगी तो सभी को सम्मान मिलेगा.

वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस द्वारा शुरुआती दो अंतरे गाने के फैसले पर भी अवधेश प्रसाद ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पूरे राष्ट्र के लिए एक संदेश है और इसे राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे तथा सद्भावना की भावना से देखा जाना चाहिए. देश में सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहें और देश में खुशहाली कायम हो, यही भावना महत्वपूर्ण है. वंदे मातरम को लेकर किसी भी तरह का विवाद खड़ा करने के बजाय इसके संदेश को समझने और सम्मान देने की आवश्यकता है.