
New Delhi, 9 मई . एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने Saturday को नोएडा में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर दिखाई देने वाली धूल के स्तर का आकलन करना और शहर में चल रहे सड़क सफाई और झाड़ू लगाने के कार्यों की समीक्षा करना था.
निरीक्षण अभियान के लिए आयोग द्वारा गठित 19 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों को नोएडा भर में तैनात किया गया था. टीमों ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 46 सड़क खंडों का व्यापक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान, नोएडा के सेक्टर 20, 21, 59, 62, 80, 82, 83, 84, 87, 88, 138, 140, 141 और 145 सहित कई स्थानों पर अत्यधिक धूल और निर्माण एवं विध्वंस कचरे के संचय के 28 मामले देखे गए. जांच में कुछ खंडों पर नियमित सफाई, धूल नियंत्रण उपायों और निर्माण एवं विध्वंस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और निपटान में कमियां पाई गईं.
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को नियमित मशीनीकृत सफाई, लक्षित जल छिड़काव और संचित निर्माण एवं विध्वंस कचरे के समय पर संग्रहण और निपटान के माध्यम से धूल नियंत्रण उपायों को तेज करने का निर्देश दिया है. नोएडा प्राधिकरण को अनधिकृत डंपिंग को रोकने और निर्धारित पर्यावरणीय मानदंडों का निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने की भी सलाह दी गई है. आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि निर्धारित धूल नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में किसी भी प्रकार की चूक और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा. संबंधित अधिकारियों को जवाबदेही तय करने और ऐसी कमियों के लिए जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की सलाह दी गई है.
इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी क्षेत्रों में धूल-मिट्टी प्रदूषण का एक प्रमुख कारण बनी हुई है और इससे निपटने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा केंद्रित और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं. आयोग ने जमीनी स्तर पर निरंतर निगरानी, बेहतर रखरखाव प्रक्रियाओं और धूल नियंत्रण उपायों के जवाबदेही-आधारित कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया. आयोग ने यह भी दोहराया कि वायु प्रदूषण के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करने और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों को कम करने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत दिल्ली-एनसीआर में ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ अभियान जारी रहेंगे. संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों ने आयोग को आश्वासन दिया कि निरीक्षण अभियान के दौरान पाई गई कमियों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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एमएस/
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