
New Delhi, 12 जून . भारतीय महिला टीम टी20 विश्व कप 2026 में एक प्रबल दावेदार के रूप में उतर रही है. पूर्व भारतीय कप्तान अंजुम चोपड़ा का कहना है कि टी20 विश्व कप में भारतीय टीम वनडे विश्व चैंपियन होने के आत्मविश्वास के साथ उतरेगी.
अंजुम चोपड़ा ने से खास बातचीत में कहा, “महिला टी20 विश्व कप 2026 में कोई भी टीम पसंदीदा टीम के रूप में नहीं उतर रही है. भारतीय टीम के पास वनडे विश्व कप 2025 का चैंपियन होने का आत्मविश्वास है, जो उसे बाकी टीमों से अलग बनाता है.”
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, “भारतीय टीम 2024 के टी20 विश्व कप अभियान को पीछे छोड़ चुकी है और अब उसका ध्यान वर्तमान पर है. सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय खिलाड़ी विश्व चैंपियन होने के आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे. यह मानसिक बढ़त किसी भी बड़े टूर्नामेंट में बेहद अहम साबित हो सकती है.”
उन्होंने कहा कि India ने अतीत में टी20 विश्व कप में कुछ यादगार प्रदर्शन किए हैं, जिसमें 2018 का सेमीफाइनल और 2020 का फाइनल शामिल है, लेकिन अब भी टीम को टी20 प्रारूप में अपनी छाप और मजबूत करनी होगी. इसके बावजूद मैं India को टूर्नामेंट का फेवरेट नहीं मानतीं. विश्व कप में कोई भी टीम ऐसी नहीं है जिसे बाकी टीमों से ऊपर रखा जा सके.
अंजुम ने उदाहरण देते हुए बताया कि गत चैंपियन न्यूजीलैंड भी पिछले संस्करण से पहले लगातार हार का सामना कर रही थी. 2024 टी20 विश्व कप से पहले टीम लगभग दस मैच हार चुकी थी, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने के बाद उसने शानदार वापसी की और खिताब जीत लिया. इससे यह साबित होता है कि विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में पिछला रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक नहीं होता.
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और India जैसी बड़ी टीमों का जिक्र करते हुए कहा कि हर टीम की अपनी कुछ चिंताएं हैं. ऑस्ट्रेलिया के पास अनुभव है और वह सातवां खिताब जीतने की कोशिश करेगी, जबकि दक्षिण अफ्रीका भी बेहद मजबूत टीम दिखाई देती है. इसके बावजूद कोई भी टीम ऐसी नहीं है जिसे टूर्नामेंट शुरू होने से पहले विजेता घोषित किया जा सके.
पूर्व भारतीय कप्तान ने भारतीय टीम को चेतावनी देते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट में गलती की गुंजाइश लगभग नहीं के बराबर है. ग्रुप चरण के हर मुकाबलो के अंक बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि प्रत्येक ग्रुप से केवल दो टीमें ही सेमीफाइनल में पहुंचेंगी. ऐसे में किसी भी मैच में लापरवाही टीम के अभियान को प्रभावित कर सकती है.
महिला क्रिकेट के तेजी से बदलते स्वरूप पर अंजुम ने कहा, “कुछ साल पहले तक टी20 क्रिकेट में 150 या 160 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. आज 200 रन का आंकड़ा लगातार देखने को मिल रहा है और यह महिला क्रिकेट के विकास का स्पष्ट संकेत है. बल्लेबाज अब पहले से कहीं अधिक आक्रामक हैं और टीमों की रणनीति भी बदल चुकी है. यही वजह है कि मौजूदा दौर का महिला क्रिकेट पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक हो गया है. इस बदलाव ने विश्व कप के संभावित विजेता का अनुमान लगाना भी मुश्किल बना दिया है.”
अंजुम ने महिला प्रीमियर लीग की सराहना करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट ने भारतीय क्रिकेट को नई प्रतिभाएं दी हैं. श्रेयंका पाटिल, एन श्रीचरणी, भारती फुलमाली और नंदनी शर्मा जैसी खिलाड़ियों का उभरना इसका सबूत है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि महिला प्रीमियर लीग में अच्छा प्रदर्शन करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होना दो अलग-अलग चीजें हैं.
उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को स्थापित करने के लिए समय दिया जाना चाहिए. कुछ खिलाड़ी जल्दी सफलता हासिल कर लेते हैं, लेकिन अधिकांश को अपने खेल को निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के अनुरूप ढलने के लिए धैर्य की जरूरत होती है.
विश्व कप में इस बार सर्वाधिक 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इस पर चोपड़ा का कहना है कि किसी भी टीम को हल्के में लेने की गलती नहीं की जा सकती. सभी टीमों ने इस स्तर तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और मैदान पर उतरने के बाद रैंकिंग का कोई महत्व नहीं रह जाता. मैच के दिन वही टीम जीतती है जो बेहतर क्रिकेट खेलती है.
अंत में अंजुम चोपड़ा ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम के पास प्रतिभा, अनुभव और आत्मविश्वास की कमी नहीं है. यदि खिलाड़ी दबाव के क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं, तो India पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी उठाने का सपना साकार कर सकता है.
भारतीय टीम Sunday को Pakistan के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी.
–
पीएके
Skip to content