‘उन्हें हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते’, काबो वर्डे के खिलाफ मैच से पहले बोले अर्जेंटीना के कोच स्कालोनी

मियामी, 3 जुलाई . फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में अर्जेंटीना की भिड़ंत काबो वर्डे के साथ होनी है. इस मुकाबले से पहले अर्जेंटीना के हेड कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा है कि उनकी टीम को काबो वर्डे को हल्के में लेने की भूल नहीं करनी चाहिए.

अर्जेंटीना ग्रुप जे में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों मैच जीतकर टॉप पर रही. टीम ने इस दौरान कुल आठ गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया. दूसरी ओर, काबो वर्डे ने ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट में जगह बनाई है. उन्होंने अपने सभी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया और बिना हारे नॉकआउट स्टेज का टिकट कटाया है. काबो वर्डे ने स्पेन और सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला, जबकि उरुग्वे के साथ भी उनका मैच 2-2 से ड्रॉ रहा था.

मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कालोनी ने कहा कि हर टीम अब मजबूत है और किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा कि काबो वर्डे ने अब तक बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, और वे सिर्फ किस्मत से यहां नहीं पहुंचे हैं. स्कालोनी ने कहा कि अब टीमों के बीच का अंतर कम हो गया है, इसलिए हर मैच कठिन होता जा रहा है.

उन्होंने काबो वर्डे की डिफेंसिव ताकत की भी तारीफ की. स्कालोनी के अनुसार, यह टीम बहुत अच्छी तरह से डिफेंस करती है और काउंटर अटैक पर तेजी से हमला करती है. उन्होंने कहा कि वे पासिंग लेन को बंद करने में भी माहिर हैं, जिससे विपक्षी टीम को खेलने में मुश्किल होती है. स्कालोनी ने साफ किया कि उनकी टीम इस मुकाबले को पूरी गंभीरता से लेगी.

अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल ने भी कहा कि टीम इस मैच को एक फाइनल की तरह देख रही है. उन्होंने कहा कि जब भी वे नेशनल टीम की जर्सी पहनते हैं, तो पूरा समर्पण और जिम्मेदारी के साथ खेलते हैं. डी पॉल ने कहा कि वे इस मैच को आखिरी मुकाबले की तरह मानकर उतरेंगे ताकि टीम आगे भी टूर्नामेंट में बनी रहे.

मौसम भी इस मुकाबले में एक चुनौती साबित हो सकता है. मैच के समय तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. हालांकि स्कालोनी ने कहा कि यह दोनों टीमों के लिए समान स्थिति है, इसलिए इससे बहाना नहीं बनाया जा सकता.हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दिन में गर्मी ज्यादा है, लेकिन अगर मैच रात में खेला जाता तो बेहतर होता. फिर भी शेड्यूल तय है, इसलिए टीम को उसी के अनुसार खेलना होगा.

एसएम/एएस