कोटा में नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों ने की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

कोटा, 20 जून . Rajasthan के कोटा में नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी अंतिम चरण की तैयारियों में जुटे हैं. अधिकांश छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद मिले अतिरिक्त एक महीने के समय का उन्होंने सकारात्मक उपयोग किया और अपने कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान दिया. हालांकि, पहले हुई परीक्षा के रद्द होने से उन्हें मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ा.

छात्रों को यह भी आशंका है कि इस बार का प्रश्नपत्र पहले की तुलना में अधिक कठिन हो सकता है. प्रतियोगिता बेहद कड़ी है और प्रत्येक सरकारी एमबीबीएस सीट के लिए लगभग 36 अभ्यर्थी मैदान में हैं.

कोटा के अभ्यर्थी विशांक ने को बताया कि उनकी तैयारी फिलहाल अच्छी चल रही है. मैं लगातार पेपर दे रहा हूं. टेस्ट के जरिए पता चलता है कि कहां कमी रह गई है और किन विषयों पर अधिक मेहनत करने की जरूरत है. जिन टॉपिक्स में डाउट रहता है, उसे शिक्षकों से क्लियर कर लेता हूं. अभी तैयारी काफी अच्छी चल रही है और किसी भी विषय को लेकर डर नहीं है.

विशांक ने बताया कि पिछली परीक्षा में उनका स्कोर करीब 400 अंक रहा था, लेकिन इस बार उन्हें बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस बार मेरा स्कोर 500 के आसपास पहुंच सकता है. जहां तक पेपर की बात है. हमारे कोचिंग संस्थान के शिक्षकों का मानना है कि इस बार प्रश्नपत्र कठिन हो सकता है. पिछली बार पेपर लीक की घटनाओं के बाद परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पेपर का स्तर बढ़ाया जा सकता है.

एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि दोबारा परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था. पिछली बार जिन टॉपिक्स में कमी रह गई थी, उन्हें मैंने इस बार कवर किया है लेकिन मानसिक रूप से इस स्थिति को स्वीकार करना काफी मुश्किल था. पिछली बार भी उतनी ही मेहनत की थी और इस बार भी उतनी ही मेहनत करनी पड़ रही है. परीक्षा को लेकर डर नहीं है, लेकिन फिजिक्स के न्यूमेरिकल सवालों को लेकर थोड़ी चिंता जरूर बनी हुई है. जिस परीक्षा के लिए एक-दो साल तक तैयारी की हो, उसके लिए दोबारा तैयारी करना सबसे बड़ी चुनौती होती है. पेपर लीक होने और फिर परीक्षा दोबारा आयोजित होने से छात्रों को परेशानी तो होती ही है. इसके बावजूद हम फिर से तैयारी में जुट गए हैं.

परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए छात्र ने कहा कि कहीं न कहीं कुछ खामियां रही होंगी, जिसकी वजह से पेपर लीक हुआ. पिछले कुछ वर्षों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं. Government को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में छात्रों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.” उन्होंने बताया कि पिछली परीक्षा में उनका स्कोर 530 अंक था और इस बार उससे बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य है.

एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि उनकी बायोलॉजी की तैयारी मजबूत है, जबकि फिजिक्स में अभी कुछ दिक्कत है. छात्र ने आगे कहा कि पिछली बार मेरा स्कोर 450 अंक था. मुझे लगता है कि इस बार प्रश्नपत्र कठिन हो सकता है, इसलिए कटऑफ भी प्रभावित हो सकती है.

परीक्षा की तैयारी कर रहे अधिकांश छात्रों का मानना है कि अतिरिक्त समय ने उन्हें अपनी कमियों को दूर करने का अवसर दिया है, लेकिन परीक्षा दोबारा होने से पैदा हुई मानसिक थकान और अनिश्चितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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