
Bengaluru, 18 जुलाई . कर्नाटक Government ने राजधानी Bengaluru में सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है. Bengaluru विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने Saturday को इस विशेष अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि निर्धारित समय के भीतर मालिकों द्वारा दावा नहीं किए जाने वाले वाहनों को कानून के तहत नीलाम किया जाएगा.
इस अभियान का संचालन ग्रेटर Bengaluru अथॉरिटी (जीबीए) और Bengaluru ट्रैफिक Police संयुक्त रूप से कर रही हैं. अभियान के शुभारंभ के दौरान पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव भी मौजूद रहे.
कृष्णा बायरे गौड़ा ने बताया कि पिछले सप्ताह शहरभर में लावारिस वाहनों पर नोटिस चिपकाए गए थे और वाहन मालिकों को सात दिनों के भीतर उन्हें हटाने या नाममात्र का जुर्माना भरकर वापस लेने का मौका दिया गया था. अब समय सीमा समाप्त होने के बाद ऐसे वाहनों को टो किया जा रहा है, जिनके मालिक सामने नहीं आए.
उन्होंने कहा कि महीनों से सार्वजनिक सड़कों पर छोड़े गए वाहन लाखों लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं. इससे न केवल सड़क और फुटपाथ घिर जाते हैं, बल्कि शहर की सुंदरता भी प्रभावित होती है.
मंत्री ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों को 15 दिनों तक जीबीए के परिसर में रखा जाएगा. इसके बाद अखबारों में सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी. यदि इसके बाद भी वाहन मालिक दावा करने नहीं आते हैं, तो संबंधित वाहनों की कानून के अनुसार नीलामी कर दी जाएगी.
उन्होंने कहा, “सड़कें और फुटपाथ सार्वजनिक संपत्ति हैं, निजी पार्किंग नहीं. नागरिकों को अपने वाहन सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने से बचना चाहिए.”
कृष्णा बायरे गौड़ा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अस्थायी रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है.
उन्होंने कहा, “यदि कोई वाहन एक-दो दिन के लिए या किसी घर के बाहर थोड़े समय के लिए खड़ा है तो कोई समस्या नहीं है. लेकिन यदि कोई वाहन एक सप्ताह से अधिक समय तक बिना देखरेख के सार्वजनिक स्थान पर खड़ा रहता है, तो उसे हटाया जाएगा.”
मंत्री के अनुसार, Bengaluru ट्रैफिक Police ने शहर में 2,751 लावारिस वाहनों की पहचान की है. वहीं नागरिकों ने अस्त्रम ऐप के जरिए 1,498 वाहनों की शिकायत दर्ज कराई है. इस तरह पिछले 15 दिनों में कुल 4,249 लावारिस वाहनों की पहचान हुई है.
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अस्त्रम ऐप के माध्यम से ऐसे वाहनों की सूचना दें, ताकि हर शिकायत पर कार्रवाई की जा सके.
अब तक 1,034 वाहनों पर नोटिस लगाए जा चुके हैं. इनमें से 72 वाहन मालिक जुर्माना भरकर अपने वाहन वापस ले चुके हैं.
मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण और लावारिस वाहनों से मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि Bengaluru की सड़कें साफ-सुथरी और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनी रहें.
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डीएससी
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