
कोलकाता, 12 अगस्त . पश्चिम बंगाल Police की ओर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार बैंक खातों को फ्रीज करने से जुड़ी याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच में Wednesday को सुनवाई होगी.
राज्य Police ने साइबर क्राइम से जुड़ी एक First Information Report के आधार पर चार बैंक अकाउंट को फ्रीज करने का आदेश दिया था. हालांकि, टीएमसी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि इन चार बैंक अकाउंट के जरिए किसी भी तरह के गैरकानूनी लेन-देन का कोई सबूत नहीं मिला है.
यह मामला आज जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच के सामने सुनवाई के लिए आएगा. याचिका में, याचिकाकर्ता के वकीलों ने पार्टी के जरूरी खर्चों के लिए फ्रीज किए गए अकाउंट से पैसे निकालने की इजाजत मांगी है.
याचिकाकर्ता के वकील ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर अनुमति कोर्ट की ओर से नियुक्त विशेष अधिकारी के जरिए दी जाए, तो बेहतर होगा. ऐसा पहले भी एक निजी बैंक में रखे 3 अन्य बैंक खातों के मामले में किया गया था. उन खातों पर पहले राज्य Police के निर्देश पर और बाद में Enforcement Directorate (ईडी) के इसी तरह के निर्देशों पर डेबिट पर रोक लगाई गई थी.
इससे पहले, Tuesday को Supreme Court ने Tuesday को कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें उसने Enforcement Directorate (ईडी) की ओर से बैंक खाते फ्रीज किए जाने को चुनौती देने वाली टीएमसी की याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था.
जस्टिस एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की बेंच ने कहा कि हाईकोर्ट ने यह ध्यान में रखते हुए एक संतुलित आदेश दिया है कि पार्टी के पास रोजमर्रा के कामकाज चलाने के लिए पर्याप्त फंड मौजूद है.
कोर्ट ने कहा कि चूंकि पश्चिम बंगाल Police की ओर से टीएमसी के खातों को फ्रीज करने के आदेश से जुड़ी याचिका समेत यह मामला हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए मामले के गुण-दोष पर कोई भी चर्चा करना उचित नहीं होगा.
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डीसीएच/
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