
कोलकाता, 30 जून . कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने Tuesday को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पार्टी के तीन बैंक अकाउंट फ्रीज करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर तेजी से सुनवाई की मांग की गई थी.
इस महीने की शुरुआत में जिस प्राइवेट सेक्टर कमर्शियल बैंक में ये तीनों अकाउंट हैं, उसके अधिकारियों ने Police के निर्देश पर इन्हें फ्रीज करने का फैसला किया था.
Police ने दो घटनाओं के बाद बैंक अधिकारियों को ये अकाउंट फ्रीज करने का निर्देश दिया. पहली घटना में पूर्व ट्रेजरर और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास (जो अभी तृणमूल कांग्रेस के उस “बागी लेकिन बहुमत वाले गुट” में हैं जिसका नेतृत्व पार्टी से निकाले गए रितब्रता बनर्जी कर रहे हैं) ने बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर फंड के गलत इस्तेमाल की आशंका के चलते इन तीनों अकाउंट को फ्रीज करने का अनुरोध किया.
बाद में तृणमूल कांग्रेस के “बागी गुट” के कुछ विधायकों ने भी इसी अनुरोध के साथ Police से संपर्क किया. इसके बाद Police ने बैंक अधिकारियों को उन तीनों अकाउंट को फ्रीज करने का निर्देश दिया, जिनमें 440 करोड़ रुपये जमा हैं.
इसके कुछ ही समय बाद ममता और अभिषेक बनर्जी गुट वाले तृणमूल कांग्रेस ने बैंक खाते फ्रीज करने के फैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच का रुख किया. ममता गुट ने इस मामले में तेजी से सुनवाई की भी अपील की.
हालांकि, Tuesday को जस्टिस भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने तेजी से सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया और आदेश दिया कि मामले की सुनवाई तय ‘कॉज लिस्ट’ (सुनवाई की निर्धारित सूची) के अनुसार ही होगी.
दूसरी ओर इस मामले में पश्चिम बंगाल Government की तरफ से India के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस मामले से जुड़े दस्तावेज Monday को मिले हैं और वे 2 जुलाई को सुनवाई के लिए तैयार रहेंगे.
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ओपी/एएस
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