
कोलकाता, 27 जुलाई . कलकत्ता हाईकोर्ट ने Monday को तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल को वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में सशर्त अग्रिम जमानत दे दी.
जस्टिस तीर्थंकर घोष ने मंडल की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली. मंडल, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी, लेकिन बहुमत वाले गुट के बीरभूम जिला अध्यक्ष हैं.
इससे पहले मंडल ने गिरफ्तारी के डर से निचली अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी. हालांकि जब वह अर्जी खारिज हो गई, तो उन्होंने 14 जुलाई को वैसी ही अपील के साथ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
Monday को हुई सुनवाई में मंडल के वकील अयन भट्टाचार्य ने दलील दी कि घटना 2021 में हुई थी, जबकि First Information Report 2026 में दर्ज की गई. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में Government बदलने के बाद Political बदले की भावना से यह मामला दर्ज किया गया था.
हाईकोर्ट ने पाया कि मामला बहुत पहले दर्ज की गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. ऐसी स्थिति में कोर्ट ने कहा कि जांच जारी रहेगी, लेकिन हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है. इसलिए अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली गई.
शर्त के तौर पर, जस्टिस घोष ने निर्देश दिया कि अनुब्रत मंडल को जांच में सहयोग करना होगा. उन्हें 10 दिनों के भीतर जांच अधिकारी से मिलना होगा और पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर पेश होना होगा.
बीरभूम जिले के बोलपुर निवासी सुभेंदु मंडल ने वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में अनुब्रत मंडल और तृणमूल के कई सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. उन्होंने एक बार तृणमूल नेता के खिलाफ लगभग 30 लाख रुपए का भुगतान न करने की शिकायत की थी.
सुभेंदु ने दावा किया कि उन्हें हमलों और अपमान का सामना करना पड़ा, क्योंकि वह भाजपा समर्थक थे. उस समय, Police ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की थी. Government बदलने के बाद उन्होंने मंडल के खिलाफ कार्रवाई के लिए फिर से Police से संपर्क किया है.
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एससीएच/
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