
New Delhi, 12 दिसंबर . Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति (सीसीईए) ने Friday को 2026 सीजन के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी है और इसमें 445 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की गई है.
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, वर्ष 2026 सीजन के लिए मिलिंग खोपरा के उचित औसत गुणवत्ता (फेयर एवरेज क्वालिटी) की एमएसपी 12,027 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा की एमएसपी 12,500 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है.
वर्ष 2026 सीजन के लिए एमएसपी पिछले सीजन की तुलना में मिलिंग खोपरा के लिए 445 रुपए प्रति क्विंटल और बॉल खोपरा के लिए 400 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है.
विपणन सीजन 2014 के लिए मिलिंग खोपरा और बॉल खोपरा का एमएसपी क्रमशः 5,250 रुपए प्रति क्विंटल और 5,500 रुपए प्रति क्विंटल था, जो अब विपणन सीजन 2026 के लिए बढ़कर क्रमशः 12,027 रुपए प्रति क्विंटल और 12,500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है. इस दौरान मिलिंग खोपरा और बॉल खोपरा की एमएसपी में क्रमशः 129 प्रतिशत और 127 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
किसानों को लाभकारी कीमतें देने के लिए Government ने वित्त वर्ष 2018-19 के केंद्रीय बजट में घोषणा की थी कि सभी अनिवार्य फसलों का एमएसपी पूरे India में उत्पादन की औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना स्तर पर तय किया जाएगा.
इससे कृषि में देश के किसानों को अच्छा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा और युवा भी आकर्षित होंगे.
कैबिनेट ने कहा कि अपेक्षाकृत अधिक एमएसपी न सिर्फ नारियल उगाने वालों को बेहतर मुनाफा दिलाएगा, बल्कि किसानों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नारियल के उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खोपरा का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित भी करेगा.
नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ) मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खोपरा की खरीद के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों (सीएनए) के तौर पर काम करते रहेंगे.
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एबीएस/
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