
Patna, 6 मई . बिहार में Thursday को Chief Minister सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का विस्तार करने वाले हैं. इससे पहले Wednesday को Chief Minister सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नाम बदलकर माता सीता के नाम पर करने का फैसला लिया गया.
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस मंत्रिमंडल की बैठक में 20 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई. बैठक में राज्य के सीतामढ़ी जिला में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम मां सीता के नाम पर करने का फैसला लिया गया.
सीतामढ़ी, बिहार के मिथिला क्षेत्र में स्थित एक अत्यंत पावन धार्मिक स्थल है, जो मुख्य रूप से मां सीता की जन्म जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है. यह रामायण काल से जुड़ा एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जो हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है. बैठक में औद्योगिक क्षेत्र, Patna (शहरी) के अंतर्गत एयरपोर्ट कैम्पस से सटे बियाडा की कुल भूमि 1.85 एकड़ भूमि (रास्ता सहित) भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण, Patna को निःशुल्क हस्तांतरण करने का भी निर्णय लिया गया है. उक्त निर्णय से उक्त भूमि को एयरपोर्ट संबंधित आधारभूत संरचना अथवा अन्य कार्यों के उपयोग में लाया जा सकता है.
इसके अलावा बैठक में बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा, रांची का Patna में स्थापित विस्तार केंद्र के लिए विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार, Patna एवं बीआईटी, मेसरा के बीच किए गए समझौता ज्ञापन की अवधि को 16 दिसंबर 2030 तक विस्तारित किए जाने पर स्वीकृति प्रदान की गई.
मंत्रिमंडल की इस बैठक में राज्य के चयनित शहरी केंद्रों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं उत्पादक बनाने तथा एकीकृत शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर ऋण की सहायता प्राप्त कर बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम क्रियान्वित करने की भी सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई.
Government का मानना है कि शहरी क्षेत्रों का सुनियोजित विकास, शहरों में आर्थिक एवं आधारभूत संरचना का निर्माण एवं शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, यह कार्यक्रम राज्य में सतत, जलवायु-संवेदनशील एवं आर्थिक रूप से सशक्त शहरीकरण की दिशा में एक प्रमुख पहल होगा, जिससे दीर्घकालिक शहरी विकास एवं निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा.
बैठक में दरभंगा न्यायमंडल के अंतर्गत बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय एवं मधुबनी (सदर) न्यायमंडल में एक-एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के लिए अराजपत्रित कोटि के कुल 18 विभिन्न पदों के सृजन करने की भी स्वीकृति दी गई.
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एमएनपी/डीकेपी
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