राम मंदिर चांदी विवाद पर बुलियन एसोसिएशन का बड़ा बयान, कहा- ट्रस्ट पर भरोसा कायम

Lucknow, 20 जून . अयोध्या राम मंदिर के लिए दिए गए दान में पारदर्शिता को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) नॉर्थ इंडिया के प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि संगठन और उससे जुड़े व्यापारियों द्वारा वर्ष 2020 में मंदिर निर्माण के लिए दी गई चांदी औपचारिक रूप से ट्रस्ट को सौंप दी गई थी. उन्होंने कहा कि दानदाताओं का मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन पर भरोसा कायम है.

अनुराग रस्तोगी ने से बातचीत में कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो रहा था, तब बुलियन व्यापारियों ने श्रद्धा और आस्था के साथ मंदिर की नींव में अपना योगदान दिया था. हमने इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से राम मंदिर निर्माण के दौरान भावनात्मक रूप से एक अंश समर्पित किया था. उस समय देशभर के व्यापारियों में भगवान राम के मंदिर निर्माण को लेकर उत्साह था और इसी भावना के तहत यह योगदान दिया गया.

हाल के दिनों में मंदिर निर्माण और दान में मिली सामग्री को लेकर उठ रहे सवालों पर अनुराग रस्तोगी ने कहा कि उनकी ओर से अब तक किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया गया है. मीडिया और अन्य माध्यमों से कुछ अनियमितताओं या कथित घोटाले की बातें सुनने को मिल रही हैं, लेकिन संगठन की तरफ से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है. जो बातें सुनने को मिल रही हैं कि घोटाला हुआ है या कुछ चीजें नहीं मिल रही हैं, उस पर हमारी ओर से कोई आरोप नहीं है. हमें उत्तर प्रदेश Government और प्रशासन पर पूरा भरोसा है.

रस्तोगी ने बताया कि संगठन और उससे जुड़े व्यापारियों की ओर से कुल लगभग 60 किलो चांदी मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की गई थी. उन्होंने बताया कि इसमें लगभग 39 किलो चांदी का मुख्य दान शामिल था. इसके अलावा 3 किलो का एक चांदी का लैंप और 1 किलो का चांदी का कलश भी भेंट किया गया था. वहीं, गाजियाबाद के व्यापारी और संगठन से जुड़े राज किशोर गुप्ता ने 22.5 किलो चांदी का योगदान दिया था. इन सभी दानों को मिलाकर करीब 60 किलो चांदी का पूरा प्रकरण बनता है, जिसे विधिवत मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया था.

दान में दी गई सामग्री को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने Chief Minister योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि Chief Minister ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है और 15 दिनों के भीतर पूरी स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है. Chief Minister ने कहा है कि एसआईटी बना दी गई है और 15 दिन में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. हम उनकी बात से सहमत हैं और जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि संगठन का मंदिर ट्रस्ट पर विश्वास बना हुआ है और वे किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं. यह जांच एजेंसियों का काम है कि वे पता लगाएं कि दान की गई वस्तुएं सुरक्षित हैं या नहीं और उनका उपयोग किस प्रकार किया गया. उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि हमने तो राम को दिया और राम जानें. हमारा काम श्रद्धा से दान देना था. अब यह जांच एजेंसियों का विषय है कि वे तथ्यों की जांच करें.

/एबीएम