
Lucknow, 22 अप्रैल . बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर अपना रुख़ स्पष्ट रखते हुए कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह के भ्रम से बचने की सख्त हिदायत दी है. पार्टी नेतृत्व ने साफ किया है कि 15 अप्रैल 2026 को तय किया गया स्टैंड अब भी कायम है, जबकि साथ ही संगठन को मजबूत करने, जनाधार बढ़ाने और आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए गए हैं.
बसपा मुखिया मायावती ने Wednesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट के बीएसपी के सभी जिला अध्यक्ष एवं छोटे-बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्तागण, आज मैं पार्टी के कार्यों से दिल्ली जा रही हूं और कार्य पूरा होते ही जल्दी वापस भी आ जाऊंगी. इस दौरान पार्टी की पिछले महीने 31 मार्च को Lucknow में हुई यूपी प्रदेश स्तरीय बड़ी बैठक में पार्टी संगठन को तैयार करने व कैडर आदि के जरिए पार्टी का जनाधार बढ़ाने एवं आर्थिक मजबूती देने तथा यूपी विधानसभा आम चुनाव की तैयारी से संबंधित जो भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे, उस पर पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अमल करते रहना है.
उन्होंने आगे लिखा कि बैठकों में यूपी में बीएसपी के नेतृत्व में रही Government में प्रदेश के विकास व जनहित आदि में किए गए कार्यों के बारे में जरूर बताना है. बैठकों में यह भी बताना है कि यूपी में अब तक जितने भी एक्सप्रेस-वे आदि बने हैं तथा नोएडा में एयरपोर्ट भी बना है, ऐसे अनेकों और भी जनहित के कार्य किए गए हैं, जिनकी योजना व रुपरेखा बीएसपी की रही Government में ही बनाई गई थी, और ये सभी कार्य काफी हद तक जरूर पूरे हो जाते यदि उस समय केन्द्र की रही कांग्रेसी Government बीएसपी के प्रति अपनी जातिवादी मानसिकता के चलते इनमें रुकावटें पैदा नहीं करती.
बसपा प्रमुख ने कहा कि कहने का तात्पर्य यह है कि यूपी के समुचित विकास व सर्वसमाज की उन्नति/तरक्की व बेहतर कानून व्यवस्था के लिए ’कानून द्वारा कानून का राज’ के जरिये बीएसपी के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ शासन में ही यह संभव हो सकता है, जिस पर भी ध्यान देने की अपील. उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि Lucknow में 22 फरवरी की यूपी को छोड़कर आल-इंडिया की हुई बड़ी बैठक में पार्टी व मूवमेन्ट के हित में जो भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे, तो उन्हें भी समय से जरूर पूरा करना है.
मायावती ने कहा कि यूपी सहित पूरे देश में पार्टी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को लेकर स्थानीय स्तर पर पार्टी की बुलाई जा रही सभी इन बैठकों में महिला आरक्षण को लेकर अभी हाल ही में, मेरे द्वारा 15 अप्रैल को मीडिया में पार्टी का जो स्टैंड रखा गया है, वह उसके बाद एक्स पर पोस्ट भी किया गया है और जरूरत पड़ने पर आगे भी बयान दिए जाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि महिला आरक्षण के समर्थन के मामले में अभी भी पार्टी का स्टैंड 15 अप्रैल वाला ही है, इसमें कोई भी बदलाव नहीं किया गया है. उसके बारे में भी इन बैठकों में जरूर बताना है ताकि महिला आरक्षण के इस खास मुद्दे पर पार्टी के लोग गुमराह ना हो सकें, लेकिन इसके लिए पार्टी के अनुशासन के मुताबिक कोई भी धरना-प्रदर्शन आदि नहीं करना है.
बता दें कि इस मुद्दे पर बसपा प्रमुख मायावती ने बीते दिनों पहले एक बयान में कहा था कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है, लेकिन इसे पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए सामाजिक संतुलन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार, यदि महिला आरक्षण में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित नहीं किया गया तो समाज के वंचित तबकों की महिलाओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा.
मायावती ने स्पष्ट तौर पर कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी सार्थक होगा जब इसमें सभी वर्गों की महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित हो. उनका मानना है कि महिलाओं की आबादी के अनुपात को देखते हुए उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, साथ ही कमजोर वर्गों की महिलाओं के हितों की विशेष सुरक्षा भी जरूरी है.
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विकेटी/डीकेपी
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