
Lucknow, 26 मई . आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तराखंड में संगठन को और सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है. बसपा प्रमुख मायावती ने Tuesday को Lucknow स्थित केंद्रीय कार्यालय में उत्तराखंड स्टेट यूनिट के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की.
बैठक में मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड में भी उम्मीदवारों के चयन में पूरी सतर्कता बरती जाए और ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाए, जो जमीन पर सक्रिय हों तथा जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता हो. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि विरोधी दलों के ‘Political हथकंडों’ का मजबूती से मुकाबला करने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए.
बसपा सुप्रीमो ने समीक्षा के दौरान प्राप्त फीडबैक को ‘काफी हद तक संतोषजनक’ बताया, लेकिन साथ ही चुनावी तैयारियों को और धार देने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने कहा कि वर्तमान Governmentों की उपेक्षा और असुरक्षा का सामना कर रहे वर्गों तक पार्टी को मजबूती से पहुंचना होगा.
उन्होंने उत्तराखंड के गठन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि अलग राज्य बनने से पहले क्षेत्र में Political और विकास संबंधी उपेक्षा की शिकायतें आम थीं. उन्होंने दावा किया कि बसपा Government के दौरान उत्तराखंड के लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए कई प्रशासनिक और जनहितकारी कदम उठाए गए थे. उन्होंने दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को जोड़ने की रणनीति पर भी जोर दिया.
मायावती ने कहा कि पार्टी छोटी-छोटी बैठकों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए ‘बहुजन समाज’ में Political भागीदारी और सत्ता में हिस्सेदारी की भावना मजबूत करेगी. बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी बड़े पूंजीपतियों और धनबल की राजनीति पर नहीं, बल्कि जनहित और जनकल्याण की राजनीति पर भरोसा करती है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से तन, मन और धन से संगठन को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है.
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विकेटी/डीकेपी
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