झारखंड : आय से अधिक संपत्ति मामले में बीएसएनएल अफसर को तीन साल की सजा, 25 लाख का जुर्माना

रांची, 29 मई . रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बीएसएनएल (India संचार निगम लि.) हजारीबाग के तत्कालीन तकनीकी अधिकारी राम विनोद सिंह को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने Friday को मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि निर्धारित समय में जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी.

यह मामला वर्ष 2007 का है. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, रांची, ने इस संबंध में कांड संख्या आरसी 02(ए)/2007 दर्ज किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, राम विनोद सिंह ने अपने सेवाकाल के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी वैध आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 34 लाख रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की थी.

सीबीआई ने मामले की विस्तृत जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. ट्रायल के दौरान एजेंसी की ओर से कई दस्तावेजी साक्ष्य और गवाह पेश किए गए. सीबीआई के लोक अभियोजक दविंदर पाल सूद ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की.

अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) तथा 13(1)(ई) के तहत दोषी पाया.

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान आरोपी की चल और अचल संपत्तियों का आकलन किया गया था, जिसमें उनकी वैध आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति होने की पुष्टि हुई थी.

एसएनसी/एसके