ब्रूनो फर्नांडीस: अकेले दम पर मैच पलटने की काबिलियत, विवादों से नाता, पुर्तगाल के लिए बनेंगे तुरुप का इक्का

New Delhi, 30 मई . आक्रामक खेल से मैच पलटने की काबिलियत. विवादों से रहता है नाता. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्रूनो फर्नांडीस पुर्तगाल के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं. साल 2019 और 2025 में पुर्तगाल को नेशंस लीग का खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले फर्नांडीस से इस विश्व कप में भी टीम को काफी उम्मीदें होंगी.

ब्रूनो फर्नांडीस की गिनती दुनिया के सबसे आक्रामक मिडफील्डरों में की जाती है. असाधारण पासिंग क्षमता, सटीक थ्रू पास, शानदार शुरुआती क्रॉस, लंबी दूरी से शॉट लगाने की कला और गोलकीपर को चकमा देकर गोल करने की काबिलियत जैसी खूबियां पुर्तगाल के इस खिलाड़ी को खास बनाती हैं.

ब्रूनो के पास जब भी गेंद आती है, फैंस रोमांचित हो उठते हैं और मैच में नई संभावनाएं पैदा हो जाती हैं. ब्रूनो का जन्म 8 सितंबर 1994 को पुर्तगाल में हुआ था. बचपन से ही उनकी फुटबॉल में गहरी रुचि थी. हालांकि, घर की आर्थिक स्थिति और सीमित संसाधन उनके करियर की राह में चुनौती बने हुए थे.

ब्रूनो ने फुटबॉल की बारीकियां पुर्तगाल में सीखी और 17 वर्ष की उम्र में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए घर और देश छोड़कर इटली जाने का फैसला किया. वहां वह नोवारा क्लब से जुड़े. कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने लगातार प्रगति की. इसके बाद वह इटली के उडीनीज और सम्पदोरिया जैसे क्लबों की ओर से भी खेले.

साल 2017 में ब्रूनो के करियर में बड़ा मोड़ आया, जब वह पुर्तगाल के स्पोर्टिंग सीपी क्लब में शामिल हुए. इस क्लब की ओर से खेलते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई. 2018-19 सत्र में वह सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर स्पोर्टिंग की ओर से 30 से अधिक गोल करने वाले पहले मिडफील्डर बने.

उनके शानदार प्रदर्शन से प्रभावित होकर मैनचेस्टर यूनाइटेड ने जनवरी 2020 में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया. 2020-21 सत्र में ब्रूनो ने क्लब के लिए 28 गोल किए और टीम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे. मैनचेस्टर यूनाइटेड की ओर से खेलते हुए वह 100 से अधिक गोल और 100 से अधिक असिस्ट दर्ज कर चुके हैं.

ब्रूनो फर्नांडीस ने पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए 2017 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया. वह देश के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबले खेल चुके हैं और अनेक गोल भी कर चुके हैं. 2018-19 में यूईएफए नेशंस लीग का खिताब जीतने वाली पुर्तगाली टीम में उनकी अहम भूमिका रही थी. कतर में खेले गए फीफा विश्व कप 2022 में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था, जहां उन्होंने दो गोल किए और तीन असिस्ट दर्ज किए.

हालांकि, ब्रूनो को मैदान पर उनके आक्रामक रवैये के लिए भी जाना जाता है. कई बार वह अपने व्यवहार और तीखी प्रतिक्रियाओं के कारण सुर्खियों में रहे हैं. मैदान पर उन्हें विरोधी खिलाड़ियों और रेफरी से बहस करते हुए भी देखा गया है. कतर विश्व कप के दौरान उन्होंने फीफा पर ही पक्षपात का आरोप लगाते हुए अर्जेंटीना को सपोर्ट करने की बात कही थी.

इसके बावजूद, ब्रूनो फर्नांडीस पुर्तगाल की टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं. वह और क्रिस्टियानो रोनाल्डो आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पुर्तगाल को बड़ी सफलताएं दिलाने की कोशिश करेंगे.

एसएम/एएस