जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर बृजभूषण शरण सिंह बोले- सरकार से करें संवाद और राजनीति से बनाएं दूरी

गोंडा, 22 जुलाई . भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि Government को छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालना चाहिए.

भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छात्र किसी एक Political दल या नेता के नहीं बल्कि पूरे देश और Government की भी जिम्मेदारी हैं. यदि किसी स्तर पर कोई चूक हुई है, तो Government को उसका खेद भी व्यक्त करना चाहिए.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे पूरे धरना-प्रदर्शन को करीब से देखा क्योंकि उनका कार्यालय वहीं के पास है. उनके अनुसार, छात्र अपनी वास्तविक समस्याओं और मांगों को लेकर पूरी ईमानदारी और नेक नीयत से आंदोलन में शामिल हुए थे. उनका उद्देश्य केवल अपनी बात Government तक पहुंचाना था लेकिन समय के साथ आंदोलन में विभिन्न Political विचारधाराओं और दलों से जुड़े लोगों का हस्तक्षेप बढ़ गया.

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को वामपंथी और दक्षिणपंथी संगठनों सहित विभिन्न Political समूहों ने अपने हितों के लिए हाईजैक कर लिया. उनका कहना था कि यह स्थिति अक्सर बड़े आंदोलनों में देखने को मिलती है, जहां मूल मुद्दों की जगह Political एजेंडा हावी होने लगता है. इससे आंदोलन अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक जाता है और छात्रों की आवाज कमजोर पड़ जाती है.

भाजपा नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में राहुल गांधी या किसी अन्य Political दल की भूमिका नहीं होनी चाहिए. छात्रों को किसी भी Political विचारधारा के प्रभाव में आए बिना अपनी समस्याओं को सीधे Government के सामने रखना चाहिए. उनके मुताबिक, छात्रों का आंदोलन Political मंच नहीं बनना चाहिए बल्कि उनकी समस्याओं के समाधान का माध्यम होना चाहिए.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि Government हर मुद्दे पर छात्रों से बातचीत करने के लिए तैयार रह सकती है. उन्होंने दोहराया कि छात्र देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं प्रशासन या Government से कोई कमी रह गई है, तो उसे स्वीकार करते हुए उचित कदम उठाए जाने चाहिए.

उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को Political प्रभाव से मुक्त रखें और केवल अपनी मांगों पर केंद्रित रहें. उनका कहना था कि यदि आंदोलन Political दलों और विचारधाराओं के प्रभाव में आ गया, तो उसका मूल उद्देश्य प्रभावित होगा और छात्रों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए छात्रों और Government के बीच सीधे संवाद से ही इस तरह के मुद्दों का सकारात्मक समाधान संभव है.

पीएम