मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे हुए शामिल

Mumbai , 11 अगस्त . ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 11 और 12 अगस्त को Mumbai के फोर सीजन्स होटल में हो रहा है. इसका आयोजन ‘Mumbai फर्स्ट’ द्वारा केंद्र और राज्य Government के सहयोग से किया जा रहा है.

इस सम्मेलन में ब्रिक्स और साझेदार देशों के 15 शहरों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं. इसका मुख्य फोकस सतत शहरी विकास पर है. कार्यक्रम में Maharashtra के Governor जिष्णु देव वर्मा और Maharashtra के उप Chief Minister एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए.

उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह गर्व की बात है कि Mumbai में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 शुरू हो गया है. हम ‘Mumbai फर्स्ट’ का धन्यवाद करते हैं. शहर सिर्फ ईंट और कंक्रीट की इमारतें नहीं होते. वे देश की आर्थिक प्रगति के ‘विकास इंजन’ (ग्रोथ इंजन) होते हैं. इसलिए, शहरीकरण को समस्या के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए. आज शहरों के सामने आने वाली चुनौतियां एक जैसी हैं, इसलिए उनके समाधान भी सीमाओं से परे जाकर खोजने होंगे. लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के जरिए 21वीं सदी के नागरिक-केंद्रित शहर बनाने के लिए, ब्रिक्स देशों के शहरों को अपने अनुभव, तकनीक और नवाचार एक-दूसरे के साथ साझा करने चाहिए.

सम्मेलन में शहरी विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है. जिसमें, जलवायु के प्रति लचीलापन और तटीय इलाकों में अनुकूलन, शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, गवर्नेंस में डिजिटल बदलाव और एआई, ब्रिक्स और सहयोगी देशों के बीच शहरों का आपसी सहयोग मुख्य रूप से शामिल हैं.

ब्रिक्स देशों में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है, जिसमें शहर आर्थिक विकास के प्रमुख चालक बने हैं. साथ ही जलवायु जोखिम, बुनियादी ढांचे पर दबाव, असमानता और शासन से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं. इन्हीं सब साझा चुनौतियों को देखते हुए संवाद, ज्ञान साझा करने और साझेदारी बनाने के लिए एक सहयोगी मंच की जरूरत है. इसी संदर्भ में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026, ‘Mumbai फर्स्ट’ द्वारा Maharashtra Government और India Government के सहयोग से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है.

11 से 12 अगस्त तक Mumbai में चल रहा यह सम्मेलन सतत, लचीले और समावेशी शहरी विकास के लिए समन्वित, समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा.

एएस