
तेहरान, 18 अप्रैल . मोजतबा खामेनेई ने Saturday को चेतावनी दी कि देश की “बहादुर नौसेना” अपने दुश्मनों को “नई करारी हार देने के लिए तैयार” है. उन्होंने यह बयान ईरान आर्मी डे के मौके पर ईरानी सेना के सभी जवानों को बधाई देते हुए दिया.
अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक क्रांति (ईरान) को सेना के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ माना जाना चाहिए, जिसने कमजोर दौर का अंत किया, जिसे देश के गद्दारों ने सच्ची और हिम्मती सेना पर थोपी थी.
ईरान संघर्ष के मौजूदा दौर में सेना का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने विरोधियों की कमजोरियों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि ईरानी सेना आज “कुफ्र और घमंड की दो प्रमुख ताकतों” से लड़ रही है और दुनिया के सामने उनकी “कमजोरी और अपमान” को उजागर कर चुकी है.
इस मौके पर उन्होंने अपने पिता और दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को याद करते हुए कहा कि यह दिन उनके जन्मदिन का भी प्रतीक है. उन्होंने अली खामेनेई को “अपने दौर का अद्वितीय नेता” बताते हुए सेना को मजबूत बनाने वाला और उसे विघटन से बचाने वाला बताया. उनकी भूमिका को अविस्मरणीय करार दिया.
मोजतबा खामेनेई ने अतीत के कई सैन्य नायकों—करानी, फलाही, नमजु, फकूरी, बाबाई, सत्तारी, अर्देस्तानी और सैय्यद शिराजी—को भी याद करने का आह्वान किया. साथ ही वर्तमान सैन्य नेतृत्व, जिसमें सैय्यद अब्दोलरहीम मौसवी और अजीज नासिरजादेह शामिल हैं, के योगदान की भी सराहना की.
अपने संदेश के अंत में उन्होंने ईरान की सेना, पूर्व सैनिकों, घायल जवानों और शहीदों के परिवारों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं.
यूएस-इजरायल की एयर स्ट्राइक के पहले दिन (28 फरवरी) सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई संग कई शीर्ष अधिकारियों की मौत हो गई थी. खामेनेई परिवार के कई सदस्य भी हमले का शिकार हुए इस अटैक में ही मोजतबा भी घायल हो गए थे. बाद में पिता की विरासत बढ़ाने का जिम्मा इन्हें सौंपा गया और देश का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया.
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केआर/
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