
भागलपुर, 17 जुलाई . बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 72वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 26 जुलाई को आयोजित होगी. इसके शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर Friday को समीक्षा बैठक हुई. आयोग के अध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलाधिकारियों और वरीय Police अधीक्षकों के साथ तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक तैयारियों और पारदर्शी संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए.
बैठक में बताया गया कि 26 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में राज्यभर के 996 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5.15 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे. इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा को देखते हुए सभी जिलों को समय पर आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
बीपीएससी अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार के कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. जिलाधिकारियों और Police अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करें.
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बहुस्तरीय और सघन फ्रिस्किंग (सुरक्षा जांच के लिए किसी के शरीर या कपड़ों की तलाशी लेना) की जाएगी. परीक्षा केंद्र परिसर में केवल अभ्यर्थियों और अधिकृत परीक्षा कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी. किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी.
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि बायोमेट्रिक सत्यापन परीक्षा केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर कराया जाएगा, ताकि केंद्र के भीतर भीड़ न हो और प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके. प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुव्यवस्थित कतार व्यवस्था, समयबद्ध प्रवेश और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है.
सभी जिलों को यह भी निर्देश दिया गया कि निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. प्रवेश समय के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, Police पदाधिकारी और Police बल की तैनाती सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी, परीक्षा कर्मी या अन्य व्यक्ति कदाचार, अनुचित साधनों के उपयोग या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल First Information Report दर्ज कराई जाएगी. साथ ही आयोग के नियमों के तहत उसे भविष्य की बीपीएससी परीक्षाओं से डिबार करने की कार्रवाई भी की जाएगी.
बैठक के अंत में आयोग के अध्यक्ष ने सभी जिलाधिकारियों और Police अधीक्षकों को परीक्षा के प्रत्येक चरण की व्यक्तिगत निगरानी करने का निर्देश देते हुए कहा कि 26 जुलाई को होने वाली बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न होनी चाहिए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.
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एससीएच/
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