मणिपुर में लापता छह नागा समुदाय के लोगों के शव बरामद, लोगों ने जताई नाराजगी

इंफाल, 11 जून . मणिपुर के लीलोन वैफेई गांव से 13 मई 2026 को कथित अपहरण के बाद लापता हुए नागा समुदाय के छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं. सभी शवों को इंफाल स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान के शवगृह में रखा गया है.

करीब 28 दिनों बाद शवों के बरामद होने से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है. परिजन और समुदाय के लोग अब शवों की पहचान और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

लियांगमाई नागा काउंसिल मणिपुर के अध्यक्ष टिमोथी विजुनामाई ने कहा कि सबसे पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बरामद शव वास्तव में उन्हीं छह लापता लोगों के हैं.

उन्होंने कहा, “सबसे पहले हमें यह देखना होगा कि शव किस स्थिति में हैं. हमें यह पुष्टि करनी होगी कि ये वास्तव में हमारे वही छह लोग हैं जो लापता हुए थे.”

विजुनामाई ने आगे कहा कि शवों की पहचान और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद पीड़ित परिवारों के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.

उन्होंने कहा, “हमें पीड़ितों के परिजनों के साथ बैठकर चर्चा करनी होगी और उसके बाद तय करेंगे कि आगे क्या कदम उठाए जाएं.”

Government की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विजुनामाई ने कहा कि शवों को इंफाल लाने में 28 दिन लगना बेहद निराशाजनक है.

उन्होंने कहा, “हम कैसे संतुष्ट हो सकते हैं? शवों को यहां लाने में 28 दिन लग गए. Government ने जिस तरह से कार्रवाई की है, उससे हम बेहद निराश हैं. अब हम यह देखना चाहते हैं कि आगे Government क्या कदम उठाती है.”

मणिपुर Police का कहना है कि मणिपुर Police, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के लगभग 450 कर्मियों द्वारा खोजी कुत्तों और फोरेंसिक विशेषज्ञ टीमों की सहायता से चलाए गए लगभग 24 घंटे के निरंतर तलाशी अभियान के बाद, छह लोगों के शव बरामद किए गए. मृतकों के बारे में माना जा रहा है कि वे 13 मई 2026 को लेइलोन वाइफेई से बंधक बनाए गए लोगों में शामिल थे.

बता दें कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव के बीच हुई हिंसा में तीन कुकी चर्च नेताओं की हत्या हो गई थी और पांच अन्य घायल हुए थे. इसी दौरान कथित तौर पर ये छह लोग भी अपहरण किए गए लोगों में शामिल थे.

एएमटी/एएस