असम चुनाव: हाफलोंग सीट से भाजपा की रूपाली लंगथासा बनीं विजेता, लहराया भगवा

गुवाहाटी, 4 मई . असम के हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना परचम लहराया है. पार्टी ने रूपाली लंगथासा उम्मीदवार को उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा, जिनका मुकाबला नेशनल पीपल्स पार्टी के उम्मीदवार डैनियल लैंग्थासा के साथ था. इस कड़े मुकाबले में हाफलोंग की जनता ने भाजपा उम्मीदवार को प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया है.

यहां भाजपा उम्मीदवार रूपाली ने पीपल्स पार्टी के डैनियल को 50306 वोटों से हराया है. रूपाली को 78674 वोट मिले, जबकि नियल लैंग्थासा ने 28368 वोट हासिल किए.

हाफलोंग विधानसभा सीट पर 9 अप्रैल को मतदान हुआ. इस बार जनता ने खुलकर वोट किया. नतीजन हाफलोंग में 82.48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इस विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1,58,640 है, जिनमें 78,514 पुरुष मतदाता और 80,126 महिला मतदाता शामिल हैं.

हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में इस बार 3 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई. इनमें कांग्रेस से नंदिता गार्लोसा के अलावा भाजपा से रूपाली लांगथासा और नेशनल पीपल्स पार्टी से डैनियल लैंगथासा उम्मीदवार रहे.

भाजपा ने 2021 में नंदिता गार्लोसा को उम्मीदवार बनाकर इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा. उन्होंने पूर्व उपChief Minister गोबिंदा चरण लांगथासा के बेटे निर्मल लांगथासा को बड़े अंतर से हराया. 2016 में भाजपा के बीर भद्रा हागजर ने जीत हासिल की थी. उन्होंने निर्मल लांगथासा को मात दी.

नंदिता गार्लोसा मार्च 2026 में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं. 2021 में हाफलोंग की विधायक बनने के बाद उन्हें सरमा Government में विद्युत और खनिज मंत्री बनाया गया था. हालांकि, इस बार भाजपा की ओर से चुनाव में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ा.

अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र हाफलोंग असम का एकमात्र हिल स्टेशन भी है. यह दीमा हसाओ जिले का मुख्यालय भी है. यह दीफू Lok Sabha क्षेत्र के अंतर्गत आता है. 1967 में स्थापित, हाफलोंग में अब तक 12 विधानसभा चुनाव हुए हैं. कांग्रेस पार्टी ने 7 चुनावों में जीत हासिल की. पिछले दो चुनावों में यहां भाजपा ने अपना दबदबा बनाया है.

डीसीएच/एमएस