
New Delhi, 30 मई . पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर Political बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनता के गुस्से का परिणाम बताया, हालांकि उन्होंने किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन करने से इनकार किया.
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को भी जनता के गुस्से का स्तर समझना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि जिस व्यक्ति के परिवार से मिलने अभिषेक बनर्जी पहुंचे थे, उसकी हत्या हुई थी और वह नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में शामिल था. इसी वजह से स्थानीय लोगों में नाराजगी थी.
आरपी सिंह ने कहा कि उसी गुस्से का प्रदर्शन वहां देखने को मिला, जहां लोगों ने उनका विरोध करते हुए उन पर अंडे फेंके.
अर्थशास्त्री और भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है और भाजपा इसका समर्थन नहीं करती, हालांकि उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन पर हमला करने वाले लोग उनकी अपनी पार्टी के कार्यकर्ता ही बताए जा रहे हैं.
वहीं, पश्चिम बंगाल के बांकुरा से BJP MP सौमित्र खान ने इस घटना को जनता के आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया. उन्होंने कहा कि उस दिन Police पूरी तरह सक्रिय थी, जिसकी वजह से कोई बड़ा और गंभीर हादसा नहीं हुआ.
उन्होंने Police की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़ी घटना को टाल दिया गया.
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल Government में मंत्री क्षुदिराम टुडू ने भाजपा पर लगे आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी को Police सुरक्षा प्रदान की गई थी और भाजपा हिंसा की राजनीति में विश्वास नहीं करती.
क्षुदिराम टुडू ने कहा कि यदि भाजपा हिंसा के आधार पर राजनीति करती, तो उसे पश्चिम बंगाल में 208 सीटों पर जीत हासिल नहीं होती.
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विभिन्न दल इस घटना को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं.
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