भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार, मारने वाले के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई

लखीमपुर खीरी . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार (Sunday) को हुए मौत के तांडव में मारने वालों में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता श्याम सुंदर निषाद के परिवार का कहना है कि वे न्याय चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उसे मारने वाले के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. फिलहाल, लखीमपुर खीरी स्थित उनके गांव जयपारा में पुलिस (Police) कर्मी तैनात हैं. इधर, ड्राइवर हरि ओम मिश्रा के परिवार का कहना है कि उसकीहत्या (Murder) किसानों ने की है. रविवार (Sunday) को हुई घटना और हिंसा में 4 किसानों, 1 पत्रकार, 2 बीजेपी कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर की मौत हो गई थी.

खबर के अनुसार, निषाद की मां फूलमति कहती हैं कि वे कभी भी उस वीडियो को नहीं भूल पाएंगी. उन्होंने कहा, ‘मेरे बेटे के आसपास लोग जमा है और खून बहते दया की भीख मांग रहे उससे सवाल कर रहे हैं.’ 30 वर्षीय निषाद जिले के सिंगही इलाके का बीजेपी का ‘मंडल मंत्री’ था. केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष के काफिले से किसानों की टक्कर के बाद तुरंत बाद कथित रूप से बनाए गए वीडियो में नाराज लोग निषाद से यह पूछते हुए नजर आ रहे हैं कि क्या उसे टेनी यानि मंत्री मिश्रा ने भेजा था. उसके मना करने के बावजूद लोग उससे पूछते रहे कि क्या उसे जानबूझकर ‘एक्सीडेंट’ करने के लिए भेजा था.
फूलमति ने कहा कि निषाद की मौत की खबर से पहले वीडियो उनके पास पहुंच गया था. उन्होंने बताया, ‘वो पार्टी का काम करने गया था. वो एक सक्रिय कार्यकर्ता था और सांसद (Member of parliament) के गांव में दंगल कार्यक्रम में गया था.’ निषाद के 52 वर्षीय पिता बालक राम को अपनी दो बेटियों की चिंता हो रही है. इनमें से एक की उम्र 3 और एक 7 महीने की है. उन्होंने कहा, ‘सरकार ने 45 लाख रुपये का चेक दिया है, लेकिन हम न्याय चाहते हैं. जिसने भी उसे मारा है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.’
परसेहरा गांव के रहने वाले 27 वर्षीय ड्राइवर हरि ओम के परिवार का कहना है कि वह मिश्रा के बेटे आशीष के साथ करीब 5 साल से काम कर रहा था. हरि ओम के दो छोटे भाई-बहन है. परिवार में उनकी मां और मानसिक औऱ शारीरिक रूप से असमर्थ पिता भी हैं. 24 वर्षीय बहन ने कहा कि हरि ओम काम के लिए दो-तीन दिन पहले गया था. उन्होंने कहा ‘सोमवार (Monday) को उनका शव घर आया और हम टूट गए. हमें कुछ नहीं पता था कि उनके साथ क्या हुआ. किसानों ने उन्हें मार दिया था.’ मां ने कहा, ‘उसके साथ जो हुआ, वह बहुत क्रूर और अमानवीय था. राक्षसों ने उसे मार दिया.’ राधे श्याम के काम करने में असमर्थ होने के कारण पूरा परिवार हरि ओम पर ही निर्भर था.

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