
Bengaluru, 21 अप्रैल . कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 25 अप्रैल को राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है. पार्टी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर महिला विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया है. यह विरोध प्रदर्शन नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) का समर्थन न करने के मुद्दे पर किया जाएगा.
भाजपा के राज्य कार्यालय जगन्नाथ भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष सी. मंजुला ने बताया कि 25 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर महिला मोर्चा की ओर से विरोध मार्च और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी.
उन्होंने कहा कि 27 अप्रैल से राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों और पार्टी के 300 संगठनात्मक मंडलों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे. इसके अलावा Bengaluru और हुब्बली में बड़े स्तर की रैलियां आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है.
मंजुला ने बताया कि आज से Union Minister और सांसद विभिन्न संभागीय मुख्यालयों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं. सांसद बी.वाई. राघवेंद्र ने शिवमोग्गा में और सांसद बृजेश चौटा ने मंगलुरु में प्रेस वार्ता की है. वहीं पूर्व Chief Minister जगदीश शेट्टर 23 अप्रैल को बेलगावी में, पूर्व Chief Minister बसवराज बोम्मई हावेरी में और Union Minister वी. सोमन्ना मैसूरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है. मंजुला ने कहा कि कांग्रेस केवल इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी जैसे नेताओं को ही महिला मानती है, जबकि आम महिलाओं को अवसर नहीं दिए गए.
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का उद्देश्य यह संदेश देना है कि देश की महिलाएं “सिर्फ फूल नहीं, बल्कि आग की शक्ति भी हैं.”
गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत Lok Sabha और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है. इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों के भीतर भी महिलाओं के लिए कोटा शामिल है.
विपक्षी दलों का कहना है कि बिल पास होने के बावजूद इसे तुरंत लागू नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह अगली जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है, जिससे इसे लागू होने में समय लग सकता है.
वहीं भाजपा का आरोप है कि विपक्षी दल सत्ता में रहते हुए इस बिल को पारित नहीं करा सके, जबकि विपक्ष Government पर इसे केवल Political संदेश के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाता है.
Prime Minister Narendra Modi ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं की Political भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है और कहा है कि Government इसे लागू करने में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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डीएससी
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