भाजपा आपातकाल के नाम पर ध्यान भटकाना चाहती है, जनता जवाब देगी : राकेश राठौर

Lucknow, 25 जून . कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने भाजपा द्वारा आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम, एनसीईआरटी पुस्तकों में आपातकाल के उल्लेख, राम मंदिर चंदा विवाद, टीएमसी नेतृत्व विवाद और भाजपा पर लगाए जा रहे आरक्षण विरोधी आरोपों सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भाजपा पर जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने और संविधान की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

राकेश राठौर ने कहा कि सत्तारूढ़ दल को पहले अपने कार्यों पर ध्यान देना चाहिए. पुलवामा हमले की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है और Government अपने कार्यकाल की कमियों को छिपाने के लिए अतीत के मुद्दों को बार-बार उठाती है. महंगाई चरम पर है और आम जनता कई समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन भाजपा पुराने मुद्दों को उभारकर लोगों का ध्यान वर्तमान समस्याओं से हटाने का प्रयास कर रही है. जनता धीरे-धीरे भाजपा को नकार रही है और आने वाले समय में इसका Political असर भी दिखाई देगा.

एनसीईआरटी पुस्तकों में आपातकाल से जुड़े अध्याय शामिल किए जाने पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि Government अपनी विचारधारा और इतिहास की व्याख्या को लोगों के दिमाग में स्थापित करना चाहती है. भाजपा अपने नजरिए से इतिहास को प्रस्तुत कर रही है और समाज पर अपनी सोच थोपने का प्रयास कर रही है. India की जनता लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और इतिहास में उसने बड़े-बड़े तानाशाहों को सत्ता से बाहर किया है. चाहे कितना भी प्रचार किया जाए, जनता अंततः वास्तविकता को समझती है.

पंजाब में बेअदबी विवाद को लेकर Chief Minister भगवंत मान के बयान पर राठौर ने कहा कि उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही वह इस पर कोई स्पष्ट टिप्पणी करेंगे.

राम मंदिर परिसर में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है. देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए योगदान दिया था, ऐसे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता लोगों की भावनाओं को आहत करती है. मंदिर से जुड़े विभिन्न मामलों में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच कराई जाए. सर्वोच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके.

दिल्ली के पूर्व Chief Minister अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौर ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. विल्कुल ठीक है, विल्कुल जाना चाहिए.

दिल्ली में सामने आए कथित हेल्थ स्कैम के आरोपों पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले विभिन्न राज्यों में सामने आते रहे हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यदि धार्मिक संस्थानों में अनियमितताओं के आरोप लग सकते हैं तो स्वास्थ्य विभाग भी इससे अछूता नहीं रह सकता.

पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्षी दलों को तोड़ने और जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने की राजनीति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि Political दलों को कमजोर करने के लिए धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा है. जनता अब इन सभी गतिविधियों को समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी.

जयराम रमेश द्वारा लगाए गए इस आरोप पर कि भाजपा Lok Sabha में दो-तिहाई बहुमत इसलिए चाहती है ताकि आरक्षण व्यवस्था को समाप्त किया जा सके, राकेश राठौर ने कहा कि भाजपा संविधान में संशोधन कर सामाजिक न्याय की व्यवस्था को प्रभावित करना चाहती है. भाजपा नहीं चाहती कि वंचित और पिछड़े वर्ग पूरी तरह मुख्यधारा में आएं. संविधान की मूल भावना को बदलने की कोशिश की जा रही है.

पीआईएम/एबीएम