
Mumbai , 21 अप्रैल . शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने Tuesday को भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी कि वह Enforcement Directorate और केंद्रीय जांच ब्यूरो को दरकिनार करके पार्टी का निष्पक्ष मुकाबला करे.
उन्होंने एजेंसियों के माध्यम से महिलाओं को परेशान करने के लिए मौजूदा प्रशासन को ‘कायर’ बताया और मराठी लोगों से देश में व्याप्त ‘अराजकता’ के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया.
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने मौजूदा मंत्रिमंडल में अरुण जेटली जैसे काबिल नेताओं की कमी पर खेद व्यक्त किया.
भारतीय कामगार सेना की 58वीं वार्षिक आम सभा में अपने भाषण में ठाकरे ने श्रम अधिकारों, Political दलबदल, महिलाओं की सुरक्षा और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग जैसे कई मुद्दों पर बात की. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय कामगार सेना ने 58 वर्षों में कभी भी श्रमिकों के साथ विश्वासघात नहीं किया है.
महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए ठाकरे ने महिला सशक्तिकरण के प्रति भारतीय जनता पार्टी की ईमानदारी पर सवाल उठाया.
उन्होंने पूछा कि अगर महिलाओं के लिए इतनी चिंता है, तो क्या संसद या राम मंदिर के उद्घाटन में महिला सांसदों या President को आमंत्रित नहीं किया गया, और क्या इसका कारण आदिवासी होना है?
ठाकरे ने मौजूदा Political दलबदलुओं पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग आते-जाते रहते हैं, लेकिन अपने कर्म अपने साथ ले जाते हैं, और जो लोग निजी लाभ के लिए दलबदल करते हैं, उन्हें अपनी वर्तमान स्थिति देखनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए यूनियनें दुकानें बन गई हैं, लेकिन उनका रिश्ता कारखाने के मालिकों से नहीं, बल्कि गेट पर लगे भगवा झंडे से है.
ठाकरे ने विदेशों में भारतीय कामगारों की दुर्दशा पर चिंता जताई, विशेष रूप से Dubai में काम करने वालों का जिक्र किया, जो India में बेरोजगारी का सामना करने के बजाय संघर्ष क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं.
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एमएस/
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