
New Delhi, 31 मई . पश्चिम बंगाल में टीएमसी टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी हैं. भाजपा नेताओं ने कहा कि टीएमसी के शासन से तंग जनता ने अभिषेक बनर्जी पर अपना गुस्सा जाहिर किया है.
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने से बातचीत में कहा, “यह जनता का उन अत्याचारों का बदला है जो उस पर किए गए हैं. पांच साल पहले भी मैं बंगाल गया था और बाद में भी मैं वहां गया और देखा कि कैसे उनके कारण लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. लोगों को जिंदा जलाया गया, घरों में आग लगाई गई और अत्याचार किए गए. उनके शासन में महिलाओं की गरिमा का हनन हुआ.”
पश्चिम बंगाल के भाटपारा से भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने कहा, “यह जनता का गुस्सा था या कोई साजिश, इसकी जांच Police को करनी है लेकिन जनता का गुस्सा साफ दिख रहा था. अगर उन्हें (अभिषेक बनर्जी) थप्पड़ मारा गया और उन पर जूता फेंका गया, तो इसका मतलब है कि बंगाल की जनता ने अपनी ताकत दिखा दी है और Police को लेकर आपका नाटक खत्म हो गया है.”
रांची में भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा, “राजनीति में हिंसा की कोई जगह नहीं है, चाहे व्यक्ति कोई भी हो लेकिन जैसा करोगे वैसा भरोगे. अपने कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है. पहले भी हमने देखा है कि ममता बनर्जी के शासनकाल में हिंसा कैसे हुई. यह सब उनके निर्देश और प्रभाव में हुआ. हालांकि अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, मैं उसे अच्छा नहीं मानता.”
उत्तर प्रदेश के उपChief Minister ब्रजेश पाठक ने कहा, “पश्चिम बंगाल में हुई घटना से अवगत हूं. यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है. राज्य Government ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है. Sundayह सुबह तक इस घटना में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.”
बिहार के पूर्व उपChief Minister तारकेश्वर प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी Government और उसके गुंडों ने जनता को परेशान कर दिया था. टीएमसी के लोगों के खिलाफ जनता में आक्रोश था, जिससे ममता बनर्जी की Government सत्ता से बाहर हो गई. अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भाजपा को दोष देना बंद कर देना चाहिए.”
वहीं, Maharashtra के मंत्री नितेश राणे ने कहा, “लोकतंत्र में अंततः जनता ही सबसे महत्वपूर्ण है और वह हर बात पर नजर रखती है. सत्ता में रहते हुए नेताओं को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और जनता के साथ उचित व्यवहार बनाए रखना चाहिए. लोकतंत्र में जनता नेताओं का समर्थन और आलोचना दोनों कर सकती है.”
उधर, शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा, “हम अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा करते हैं. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह पिछले 15 वर्षों के गुंडागर्दी व भ्रष्टाचार का परिणाम है. पश्चिम बंगाल में जबरन वसूली, गिरोह राज, भूमि हड़पना और कल्याणकारी योजनाओं और निर्माण निविदाओं का चुनिंदा वितरण लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा है. यह व्यापक भ्रष्टाचार इसी का परिणाम है.”
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ओपी/पीएम
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