
New Delhi, 27 जुलाई . संसद में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 को लेकर BJP MPों ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा और प्रभावी कदम बताया है. साथ ही, उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का Politicalरण करने और छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया.
BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि यह संशोधन बिल एक सार्थक प्रस्ताव है, जिसका उद्देश्य देशभर के छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है. केंद्र Government ने हमेशा छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी है और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के गठन के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर केवल “आंसू बहाने” का काम कर रहा है. इस विषय को “मेरे बनाम आपके” की राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए. इसके साथ ही विपक्ष की बातों का अब सदन में प्रभाव नहीं रह गया है और कई सांसद उनका साथ छोड़ रहे हैं, जिससे वह समाज को बांटने वाली राजनीति कर रहा है.
BJP MP अशोक मित्तल ने कहा कि Prime Minister ने स्वयं पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से सीधा संवाद किया है. प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक, नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी जैसे अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है.
उन्होंने कहा कि दोषियों को 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा. उनका कहना था कि इस सख्त कानून का उद्देश्य ऐसे माफियाओं के खिलाफ मजबूत संदेश देना है, ताकि भविष्य में कोई भी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विधेयक संसद से पारित होकर जल्द लागू होगा.
छात्रों से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर अशोक मित्तल ने कहा कि Government और छात्रों के बीच बातचीत के बाद उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि जब छात्र और छात्र संगठन Government के फैसले से संतुष्ट हैं, तब Political दलों को इस मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों को गुमराह नहीं करना चाहिए. उन्होंने विपक्ष की मांगों को पूरी तरह निराधार बताया.
BJP MP धर्मबीर सिंह चौधरी ने भी Government के एजेंडे का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र Government संसद के सामने जो भी प्रस्ताव लाती है, वह देशहित को ध्यान में रखकर लाती है.
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से व्यवस्था में सुधार के प्रयास लगातार होते रहे हैं लेकिन Prime Minister ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस शासनकाल की खराब व्यवस्थाओं को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश तभी वास्तविक प्रगति कर सकता है, जब सभी नागरिकों का समान विकास सुनिश्चित हो.
धर्मबीर सिंह चौधरी ने एक अन्य बयान में कहा कि हाल ही में गठित समिति का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति को सौंपा गया है, जिन्हें विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त है. उन्होंने इसे Prime Minister की सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि विपक्ष को भी इस कदम की प्रशंसा करनी चाहिए.
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पीएम
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