भाजपा नेताओं ने लखनऊ अग्निकांड को बताया ‘त्रासदी’, कहा-सरकार ने तुरंत उठाए प्रभावी कदम

New Delhi, 23 जून . भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश Government में मंत्री नरेंद्र कश्यप और मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने Lucknow अग्निकांड, टीएमसी नेतृत्व विवाद और Maharashtra में ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जुड़े Political घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी.

Lucknow में आग लगने की घटना पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “Lucknow की एक इमारत में जो हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. यह बहुत दुखद है. बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल भी हुए हैं. मुझे इस बात का संतोष है कि सीएम योगी खुद घटनास्थल पर पहुंचे और Government ने बहुत प्रभावी तरीके से इस मामले में कदम उठाया. इस हादसे में जिम्मेदार और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.”

Maharashtra में ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर भाजपा नेता ने कहा, “अगर आप (शिवसेना यूबीटी) अपने ही लोगों को बिकाऊ कहेंगे, तो चीजें कैसे स्थिर रहेंगी? या तो वे बिकाऊ हो सकते हैं या फिर स्थिर. समस्या यह है कि वे दूसरों को बिकाऊ कहना चाहते हैं और साथ ही खुद को स्थिर दिखाना चाहते हैं. इसलिए ये पार्टियां उलझन और विरोधाभास की जेल में फंसी हुई हैं और सिर्फ कोई बड़ी ताकत ही उन्हें संभाल सकती है, कोई और इसे नहीं संभाल सकता.”

Lucknow अग्निकांड पर मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा, “निश्चित रूप से यह घटना हम सभी के लिए बहुत ही दुखद है. ऐसी त्रासदी को बयां करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे. हादसे में घायल बच्ची की स्थिति अब ठीक है.”

Lucknow के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “अलीगंज में कल हुई आग की घटना एक बहुत बड़ी और गंभीर त्रासदी है. इसमें 15 मासूम बच्चों की जान चली गई है. Government का हर प्रतिनिधि इससे बहुत दुखी है. घटना स्थल पर पहुंचे डिप्टी सीएम अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक पाए. घटना की गंभीरता को समझते हुए Chief Minister और रक्षा मंत्री अपने तय कार्यक्रमों को छोड़कर मौके पर पहुंचे.”

टीएमसी में उथल-पुथल पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “ममता दीदी की तानाशाही और मनमानी का दायरा धीरे-धीरे सामने आ रहा है, जैसे-जैसे एक-एक करके परतें खुल रही हैं. उनके लगभग 20 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी है और एक अलग गुट बना लिया है. उनके करीब 60 विधायकों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है और एक अलग धड़ा बना लिया है. यहां तक कि चेयरमैनशिप का अहम पद भी किसी और के पास चला गया है.”

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