
New Delhi, 29 अप्रैल . आम जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रविंदर सिंह नेगी ने Wednesday को राजघाट पर पवित्र गंगाजल छिड़ककर उसे ‘शुद्ध’ करने का प्रयास किया. यह घटना आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और नेता मनीष सिसोदिया के राजघाट के दौरे के एक दिन बाद हुई.
इससे पहले, केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा था कि वे कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले से संबंधित कार्यवाही में न तो स्वयं उपस्थित होंगे और न ही अपने वकील के माध्यम से. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायाधीश से न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है और वे महात्मा गांधी के ‘सत्याग्रह’ के मार्ग का अनुसरण करेंगे.
भाजपा विधायक नेगी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक पर जाकर और गांधीवादी सिद्धांतों का पालन करने की बात कहकर उसे ‘अपवित्र’ कर दिया है.
उन्होंने को बताया कि भ्रष्टाचार और शराब नीति घोटाले में शामिल अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कल स्मारक पर आए और ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चलने की बात की. मुझे लगा कि इस जगह का शुद्धिकरण होना चाहिए, इसलिए मैं ‘गंगाजल’ लाया और समाधि के चारों ओर छिड़का.
उन्होंने आगे कहा कि ये वही लोग हैं जिन्हें दिल्ली की शराब नीति से फायदा हुआ; उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए और उन्हें जेल भेजा गया.
उन्होंने कहा कि आबकारी नीति मामले में जेल की सजा काटने के बावजूद, आम आदमी पार्टी के नेता महात्मा गांधी के स्मारक पर आए.
भाजपा नेता ने कहा कि बापू जी वह व्यक्ति थे जिन्होंने देश को ब्रिटिश राज से मुक्त कराने के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया, एक आम आदमी जिसने अंग्रेजों को यहां से भगा दिया.
नेगी ने जोर देकर कहा कि दिल्ली के लोग शराब नीति में शामिल लोगों को नहीं चाहते थे, इसलिए उन्हें सत्ता से हटा दिया गया.
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एनएस/
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