महिला आरक्षण बिल पर केवल राजनीति कर रही है भाजपा : राम गोपाल यादव

New Delhi, 18 अप्रैल . Lok Sabha में महिला आरक्षण संशोधन बिल (संविधान का 131वां संशोधन) पारित न हो पाने को लेकर सियासी बहस लगातार तेज होती जा रही है. Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्र Government पर निशाना साधते हुए पूरे घटनाक्रम को Political उद्देश्य से प्रेरित बताया है.

राम गोपाल यादव ने कहा, “यह विधेयक 2023 में ही पारित हो गया था, लेकिन इसमें संशोधन करने की जरूरत क्यों पड़ी? संशोधन लाने के बाद भी आपने परसों रात पुराने विधेयक को ही अधिसूचित कर दिया. इसलिए इस पर मतदान करने की कोई जरूरत नहीं थी. पूरी दुनिया जानती है कि यह सब चुनावों की वजह से किया जा रहा है, उनका मकसद Political था.”

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक, जिसका उद्देश्य 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और Lok Sabha की सीटों की संख्या बढ़ाना था, इस पर भाजपा जानबूझ कर राजनीति कर रही है. इससे कुछ होने वाला नहीं है. जनता जागरूक हो चुकी है और वह सारी बातें समझ रही है.

उन्होंने कहा कि संशोधन लाने के बावजूद Government ने पुराने महिला आरक्षण बिल को ही अधिसूचित कर दिया. इस पर बहस और मतदान का कोई आधार ही नहीं था. पूरा देश जानता है कि इसे इसलिए लाया गया था, क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनाव हो रहे हैं. वे यह भूल गए हैं कि ममता बनर्जी पहले ही महिलाओं के लिए 40 प्रतिशत से अधिक का कोटा लागू कर चुकी हैं.

संविधान का 131वें संशोधन विधेयक के खारिज होने पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, “जब 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हुआ था तब हमारे नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने साफ तौर पर कहा था कि जब तक परिसीमन और जनगणना पूरी नहीं हो जाती, तब तक 2024 के Lok Sabha चुनावों के लिए उन्हीं 543 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण दिया जाना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी महिलाओं की पूरी तरह से विरोधी रही है और इस बात पर सहमत नहीं हुई.”