
jaipur, 28 मई . Rajasthan में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा Chief Minister भजनलाल शर्मा और राज्य Government के मंत्रियों पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा और आरएलपी के बीच Political टकराव देखने को मिल रहा है.
हनुमान बेनीवाल के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए उनके शब्दों और भाषा की आलोचना की है. गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि नागौर सांसद का एक विवादित वीडियो social media पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Chief Minister और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है.
जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा, “जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया है, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है. एक सांसद होने के नाते व्यक्ति से गरिमा और संयम बनाए रखने की उम्मीद की जाती है.”
उन्होंने हनुमान बेनीवाल पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि Rajasthan के लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस तरह के बयान नशे की हालत में दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी हनुमान बेनीवाल की टिप्पणी को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय’ बताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद और आलोचना स्वाभाविक हैं, लेकिन Political बयानबाजी मर्यादा और शालीनता के दायरे में रहनी चाहिए.
सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा के लिए जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए. साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि केवल टीआरपी या सनसनी फैलाने के लिए ऐसे बयानों को जरूरत से ज्यादा प्रचार न दिया जाए.
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने भी हनुमान बेनीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान Political अवसरवाद को दर्शाते हैं और संवैधानिक पद की गरिमा का अपमान करते हैं. ऐसी टिप्पणियां आपके संस्कारों को दिखाती हैं. Rajasthan की जनता अच्छी तरह जानती है कि आप किस हालत में इस तरह की बातें करते हैं.
पूरा विवाद ‘रीको हटाओ, भैराणा धाम बचाओ’ आंदोलन के तहत आयोजित एक महापंचायत के दौरान शुरू हुआ. यह आंदोलन बिचून क्षेत्र में प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में चल रहा है. भैराणा गांव में आयोजित इस महापंचायत में पहुंचे हनुमान बेनीवाल ने Rajasthan Government पर जमकर हमला बोला और Chief Minister भजनलाल शर्मा को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
हनुमान बेनीवाल ने भाजपा पर संतों और धार्मिक संस्थाओं के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government खुद को सनातन मूल्यों के प्रति समर्पित बताती है, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं. उन्होंने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के फैसले को ‘गलत दिशा में लिया गया निर्णय’ बताते हुए मांग की कि रीको परियोजना को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए. साथ ही उन्होंने दादू पालका को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देने की भी मांग उठाई.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद Rajasthan की राजनीति में आरएलपी और भाजपा के बीच टकराव और तेज हो गया है.
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पीएम
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