
New Delhi, 19 जुलाई . Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Prime Minister को पत्र लिखकर मामले की जांच और जवाबदेही की मांग किए जाने का शिवसेना (यूबीटी) ने समर्थन किया है. पार्टी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि विपक्ष का यह कदम पूरी तरह उचित है और इससे पहले उनकी पार्टी भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर चुकी है.
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन Government के अधीन हुआ है, इसलिए यदि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी या चोरी के आरोप सामने आए हैं तो Government को ही इसका जवाब देना चाहिए. विपक्ष का यह कदम पूरी तरह उचित है और इससे पहले उनकी पार्टी भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर चुकी है.
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है. ऐसे में विपक्ष का दायित्व है कि वह Government से जवाब मांगे. Government से पूछे गए सवालों का जवाब विपक्ष नहीं देगा, बल्कि Government को ही पारदर्शिता के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. Government इस पर कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है.
इसी दौरान आनंद दुबे ने दल-बदल के मुद्दे पर भी केंद्र Government और Lok Sabha अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को बिना संबंधित पक्ष की बात सुने मान्यता दे दी गई.
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया की आड़ में जनादेश की चोरी जैसा है. जनता जिन प्रतिनिधियों को चुनती है, उनकी Political पहचान को इस तरह बदल देना लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है.
वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी राम मंदिर चढ़ावा मामले में Government को घेरते हुए कहा कि जनता के मन में सवाल उठ रहे हैं और Government को पूरे मामले को सार्वजनिक करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप लगे हैं तो निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए.
मसूद ने आरोप लगाया कि Government भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन अब उसी नाम पर चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं. पारदर्शिता और जवाबदेही ही इस विवाद का समाधान है.
–
पीएम
Skip to content