दुर्गापुर पूरब सीट पर भाजपा का कब्जा, चंद्रशेखर बनर्जी 30 हजार से अधिक वोटों से जीते

New Delhi, 4 मई . बर्दवान जिले की दुर्गापुर पूरब विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहा. वैसे तो इस सीट पर लंबे समय से टीएमसी का प्रभाव रहा है, लेकिन इस बार चुनाव में भाजपा के चंद्रशेखर बनर्जी ने जीत दर्ज की है.

2026 विधानसभा चुनाव में दुर्गापुर पूरब सीट से चंद्रशेखर बनर्जी ने 30 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है. उन्हें 1,08,888 वोट मिले, वहीं टीएमसी के उम्मीदवार और विधायक रहे प्रदीप मजूमदार को 77,954 वोट मिले. तीसरे स्थान पर सीपीआई (एम) और चौथे स्थान पर कांग्रेस रही.

दुर्गापुर पूरब विधानसभा सीट पर 2026 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने मौजूदा विधायक प्रदीप मजूमदार को उम्मीदवार बनाया था. भारतीय जनता पार्टी ने चंद्रशेखर बनर्जी को मैदान में उतारा था. वाम मोर्चे की ओर से सीपीआई (एम) ने सीमांत चटर्जी को, जबकि कांग्रेस ने देबेश चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया था.

दुर्गापुर पूरब सीट पर 2026 का मतदान 23 अप्रैल को पहले चरण में हुआ था. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए गए थे, जिनमें पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को हुई.

पश्चिम बंगाल की दुर्गापुर पूरब विधानसभा सीट पश्चिम बर्दवान जिले की अहम शहरी-औद्योगिक सीटों में गिनी जाती है. यह विधानसभा सीट बर्धमान-दुर्गापुर Lok Sabha क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस संसदीय क्षेत्र से फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के कीर्ति आजाद सांसद हैं, जबकि विधानसभा स्तर पर यह सीट पिछले कुछ वर्षों में कड़े मुकाबले वाली रही है.

दुर्गापुर पूरब विधानसभा सीट का गठन वर्ष 1962 में हुआ था. हालांकि, परिसीमन और पुनर्गठन के बाद इसका वर्तमान स्वरूप 2006 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद तय हुआ. इस सीट पर ऐतिहासिक रूप से वाम दलों, खासकर सीपीआई (एम), का प्रभाव मजबूत रहा है. दुर्गापुर औद्योगिक बेल्ट लंबे समय तक वामपंथ का गढ़ रही. हालांकि 2011 में तृणमूल कांग्रेस ने यहां बढ़त बनाई, 2016 में सीपीआई (एम) के संतोष देबराय ने जीत दर्ज की, जबकि 2021 में तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप मजूमदार ने सीट वापस अपने नाम की.

यहां 2026 में लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ, जो इस सीट के लिए मजबूत भागीदारी मानी जा रही है. 2021 में इस सीट पर करीब 79 प्रतिशत मतदान हुआ था. 2016 और 2011 में भी यहां अच्छी वोटिंग दर्ज की गई थी.

एएमटी/एबीएम