भाजपा का विपक्ष पर आरोप, नीट और शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा नहीं होने देना चाहती कांग्रेस

New Delhi, 23 जुलाई . संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन Thursday को संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी Political टकराव देखने को मिला. इस दौरान BJP MP सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा और एनडीए के सांसद संसद के बाहर इस मांग के साथ खड़े हुए कि नीट और शिक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस इस विषय पर चर्चा नहीं होने देना चाहती.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र Government छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्र हितों से बढ़कर कुछ भी नहीं है और Government पेपर लीक के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से Government ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है ताकि मामलों की त्वरित सुनवाई हो और दोषियों को जल्द सजा मिल सके.

सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष समाधान के बजाय अराजकता फैलाने की राजनीति कर रहा है. विपक्ष संवेदनशील मुद्दों को Political लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है, जबकि Government संसद के भीतर चर्चा के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष पास कोई सवाल या सुझाव है तो वे संसद में आकर खुलकर चर्चा करें. आज संसद की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होता है, इसलिए जनता खुद तय कर सकती है कि कौन तथ्य के साथ खड़ा है और कौन केवल राजनीति कर रहा है.

सुधांशु त्रिवेदी ने छात्रों से कहा कि वे अपने आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को लेकर सतर्क रहें. उन्होंने दावा किया कि कुछ अवसरवादी और Political तत्व छात्रों के आंदोलन का इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों को यह समझने की जरूरत है कि Government उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और पेपर लीक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है.

वहीं BJP MP संबित पात्रा ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस संसद के भीतर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन करके सदन का बहुमूल्य समय बर्बाद कर रही है. जिस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, उसी पर कांग्रेस चर्चा से बच रही है.

संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एनडीए सांसदों ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे संसद में आकर छात्रों के भविष्य पर गंभीर चर्चा करें. अब यह देखना होगा कि विपक्ष वास्तव में चर्चा करता है या फिर सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास करता है. छात्रों के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए. छात्र किसी Political दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं और उनके भविष्य की रक्षा करना सभी दलों की जिम्मेदारी है.

संबित पात्रा ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने स्पष्ट कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा. Prime Minister ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा कर यह स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, संसद परिसर में हंगामे को लेकर एलजेपी (आरवी) सांसद अरुण भारती ने कहा, “संसद को चलने देना चाहिए. संसद सबसे बड़ा मंच है जहां आप हर मुद्दे पर Government से सवाल पूछ सकते हैं, अपनी बात रख सकते हैं, आवाज उठा सकते हैं और Government पर कार्रवाई करने का दबाव बना सकते हैं, लेकिन संसद में मुद्दे उठाने के बजाय आप सड़कों पर हंगामा करते हैं, जिससे सिर्फ सुर्खियां तो मिलती हैं, लेकिन कोई सार्थक बहस नहीं होती और न ही लोगों के लिए कोई काम होता है.”

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