बर्ड फ्लू को लेकर पक्षी विशेषज्ञों ने किया दौरा : उदयपुर के विभिन्न जलाशयों पर पक्षियों की स्थिति जांची

उदयपुर (Udaipur). प्रदेश में फैल रहे बर्ड फ्लू को लेकर उदयपुर (Udaipur) जिले में सभी प्रकार के एहतियाती उपाय अपनाएं जा रहे हैं. एक ओर जहां जिला प्रशाासन के निर्देशन में पशुपालन व वन विभागीय अधिकारी फिल्ड में सतर्क हुए हैं वहीं पर्यावरण से जुड़े संगठनों व पक्षीप्रेमियों द्वारा भी अपने-अपने स्तर पर इस विषय पर सतर्कता व जागरूकता फैलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. रविवार (Sunday) को शहर के पक्षीविशेषज्ञों व पर्यावरणप्रेमियों ने जिले के कई प्रमुख जलाशयों का दौरा करते हुए यहां पर पक्षियों के बारे में जानकारी संकलित की.

पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सतीश शर्मा के निर्देशन में वरिष्ठ पक्षी विशेषज्ञ प्रदीप सुखवाल, पर्यावरण प्रेमी चमनसिंह के दल ने आज वल्लभनगर, मंगलवाड़, मेनार, बड़वई आदि जलाशयों के साथ-साथ अपशिष्ट पदार्थ के फैंके जाने वाले स्थानों का सर्वे किया. दल ने यहां पर पाया कि वर्तमान में यह जलाशय व स्थान बर्ड फ्लू के खतरे से बाहर है. डॉ. शर्मा व सुखवाल ने बताया कि इन स्थानों पर प्रवासी व स्थानीय पक्षियों के साथ-साथ कौवे भी पूरी तरह स्वस्थ हालातों में हैं. कहीं पर भी कोई भी पक्षी बीमार या मृत अवस्था में नहीं पाया गया है.

इस दौरान उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया और आह्वान किया कि पक्षियों में किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि को देखें तो तत्काल ही वन या पशुपालन विभाग के नियंत्रण कक्षों को सूचित करें. प्रदीप सुखवाल ने बताया कि मछुआरों द्वारा फैंके जाने वाले अपशिष्टों पर भी गिद्ध तथा अन्य पक्षी आते हैं ऐसे में उन स्थानों पर भी पक्षियों के बारे में जानकारी संकलित की गई परंतु कहीं पर भी बर्ड फ्लू का कोई लक्षण नहीं पाया गया. इस अवसर पर दर्शन मेनारिया, उमेश मेनारिया व बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

ग्रीन पीपल सोसायटी ने नियुक्त किए मॉनिटर्स

इधर, पर्यावरण व परिंदों के संरक्षण के लिए नवगठित ग्रीन पीपल सोसायटी ने भी बर्ड फ्लू के मद्देनज़र क्षेत्र के 12 जलाशयों पर 23 मॉनिटर्स नियुक्त किए हैं. सोसायटी के अध्यक्ष व सेवानिवृत्त मुख्य वन संरक्षक राहुल भटनागर ने बताया कि सोसायटी ने क्षेत्र के मेनार, किशन करेरी, बड़वई, बडूपा तालाब भींडर, भटेवर, भोपाल (Bhopal) सागर, कपासन, राजसमंद झील, राजियावास, गोगलिया पिकअप व गेरडि़या, वल्लभनगर, सुथार मांदड़ा(नांदेशमा) तालाब के लिए कुल 23 स्वयंसेवक मॉनिटर्स नियुक्त किए हैं जो कि इन तालाबों पर पक्षियों की स्थितियों पर नज़र रखते हुए तत्काल प्रभाव से असामान्य गतिविधियों के बारे  में जानकारी सोसायटी, वन व पशुपालन विभाग को सूचित करेंगे.

Check Also

सुविवि- कुलपति प्रोफेसर सिंह ने पर्यावरण विज्ञान विभाग में दिया व्याख्यान

उदयपुर (Udaipur). मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने पर्यावरण विज्ञान विभाग में …