
Patna, 12 अगस्त . बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद, जन सुराज के संस्थापक और नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने अपने आवंटित सरकारी आवास का इस्तेमाल निजी घर के तौर पर न करने का फैसला किया है.
वे Patna के वीआईपी एमएलए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में मौजूद दो मंजिला डुप्लेक्स, यानी विधानसभा आवास नंबर 182 को बांकीपुर के लोगों के लिए एक पब्लिक ऑफिस में बदलना चाहते हैं.
किशोर का कहना है कि यह आवास एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहाँ लोग अपनी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के साथ सीधे अपने चुने हुए प्रतिनिधि से मिल सकें. उन्होंने कहा कि यह ऑफिस आम जनता के लिए खुला रहेगा ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े.
उनके मुताबिक, इस पहल का मकसद विधायक और उनके क्षेत्र के लोगों के बीच सीधा संवाद कायम करना है. बांकीपुर के लोग स्थानीय विकास, सरकारी सेवाओं और जनता से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाने के लिए इस आवास पर आ सकेंगे.
बांकीपुर के लिए किशोर की योजनाओं में रोजगार एक और अहम हिस्सा है. उन्होंने क्षेत्र के 10,000 युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने में मदद करने का लक्ष्य रखा है. आवास नंबर 182 पर एक ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है जहां पढ़े-लिखे बेरोज़गार युवा अपना बायोडाटा जमा कर सकें. इसके बाद एक खास टीम उम्मीदवारों की योग्यता और प्रोफाइल के आधार पर उन्हें सही मौकों से जोड़ने का काम करेगी.
यह सरकारी आवास Patna के वीआईपी एमएलए हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में स्थित है. कैबिनेट मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव का आवास भी बगल में ही है. सरकारी आवास को निजी घर के बजाय जनता के लिए खुले ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल करने के किशोर के फैसले ने काफी ध्यान खींचा है.
इस कदम को किशोर की Political सोच को असलियत में बदलने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. Government से मिले आवास को मुख्य रूप से निजी सुविधा के तौर पर इस्तेमाल करने के बजाय, वे चाहते हैं कि यह विधायक और जनता के बीच संपर्क का एक सुलभ जरिया बने.
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एससीएच
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