बिहार: सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वालों पर पुलिस की सख्ती, भगोड़ों की संपत्ति हो रही कुर्क

Patna, 17 जुलाई . बिहार Police ने राज्यभर में अपराधियों के खिलाफ व्यापक अभियान तेज कर दिया है. Police की गिरफ्त से बाहर चल रहे अपराधियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में 11 से 20 जुलाई तक चलाए गए विशेष कुर्की अभियान के तहत 2,125 कुर्की का निष्पादन किया गया है.

अपर Police महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग) सुहिता अनुपम ने Friday को Police मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि social media पर हथियारों का प्रदर्शन कर फोटो और वीडियो डालने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है.

उन्होंने कहा कि मुख्यालय स्तर पर social media सेंटर और साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है. 1 मई से 14 जुलाई तक social media पर हथियार लहराने से जुड़े मामलों में 102 First Information Report दर्ज की गई हैं. इस दौरान 130 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 40 हथियार भी जब्त किए गए हैं. सबसे ज्यादा कार्रवाई करने वाले जिलों में Patna, नवगछिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी और मोतिहारी शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि social media के माध्यम से धार्मिक या जातीय टिप्पणी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वालों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. आपत्तिजनक पोस्ट और वायरल वीडियो से जुड़े 514 मामलों को चिन्हित कर कार्रवाई के लिए भेजा गया है. इनमें से 243 मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों में प्रक्रिया जारी है.

एडीजी सुहिता अनुपम ने बताया कि डायल-112 सेवा के तहत अब रिस्पांस टाइम घटाकर 10 मिनट कर दिया गया है. इससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी. युवाओं के चरित्र सत्यापन और प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था अब ऑनलाइन कर दी गई है. इसके लिए सीसीटीएनएस को थानों के साथ-साथ संबंधित वेबसाइट से जोड़ा गया है.

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन नया सवेरा-3.0 के तहत 1 से 14 जुलाई के बीच 52 First Information Report दर्ज की गईं और 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया. इस अभियान के दौरान 82 महिलाओं और 75 पुरुषों को मुक्त कराया गया. सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां करने वाले जिलों में Patna (40), सहरसा (13) और किशनगंज (9) शामिल हैं. वहीं, पीड़ितों को रेस्क्यू करने में किशनगंज (23), सीतामढ़ी (17) और Patna/अरवल/मुजफ्फरपुर रेल (संयुक्त रूप से 14) शीर्ष जिलों में रहे.

एडीजी ने बताया कि मई-जून में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है. इस दौरान सांप्रदायिक हिंसा के 63, Police पर हमला करने के 462, भीड़ हिंसा के 2 और हर्ष फायरिंग के 6 मामलों समेत कुल 533 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. 51,189 गवाहों को साक्ष्य के लिए उपस्थित कराया गया, जिनमें से 49,191 गवाहों की कोर्ट में गवाही कराई गई है, ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके और दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके.

एडीजी ने कहा कि मई-जून में भारत-नेपाल सीमा पर आतंकी गतिविधियों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई है. सीमा क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है और मामले की निगरानी केंद्रीय गृह मंत्रालय भी कर रहा है.

उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस साल मई-जून में 17 किलो 883 ग्राम हेरोइन, 26,135 किलो गांजा और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं. मेडिकल स्टोर सहित अन्य सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है.

एडीजी सुहिता अनुपम ने बताया कि युवाओं को कानून की जानकारी देने के लिए ऑपरेशन विधि पालक युवक 21 जुलाई से शुरू किया जाएगा, जो 10 अगस्त तक चलेगा. इस अभियान के तहत ट्रैफिकिंग, दहेज प्रताड़ना, पॉक्सो एक्ट, महिला अपराध, अनैतिक देह व्यापार अधिनियम-1986 सहित अन्य जरूरी कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए Police दीदी टीम (अभया ब्रिगेड) का गठन किया गया है.

एएमटी/एबीएम