अमृतसर में बड़ा ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त, हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार

चंडीगढ़/अमृतसर, 18 अप्रैल . Chief Minister भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत राज्य को नशामुक्त बनाने के अभियान के बीच अमृतसर में नार्को-आतंक नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया गया है. काउंटर इंटेलिजेंस विंग की स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (एसएसओसी) अमृतसर इकाई ने सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

इस दौरान उनके कब्जे से 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है.

Police महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमृतसर के गांव अवन वसाऊ निवासी सरवन सिंह उर्फ गुर्जर और गांव दयाल रंगड़ निवासी शमशेर सिंह उर्फ शेरा के रूप में हुई है. Police ने इनके पास से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की है.

डीजीपी गौरव यादव ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस मॉड्यूल के तार Pakistan स्थित तस्करों और पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस नेटवर्क का संबंध Pakistan के कुख्यात तस्कर मूसा से है, जिसका नाम वर्ष 2019 में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट अटारी पर हुई 532 किलोग्राम हेरोइन की बड़ी बरामदगी मामले में भी सामने आया था. उन्होंने कहा कि इस गिरोह के आगे और पीछे के सभी लिंक तलाशने के लिए गहन जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए एसएसओसी अमृतसर के एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि उन्हें एक विश्वसनीय सूचना मिली थी कि दोनों आरोपियों ने कुछ दिन पहले ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजी गई हेरोइन की खेप हासिल की थी. इसके बाद वे अपने आकाओं के निर्देश पर इस खेप को आगे सप्लाई करने के लिए जा रहे थे. इस सूचना के आधार पर Police टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमृतसर में महल बाईपास के पास दोनों को रोककर उनके कब्जे से 64.62 किलोग्राम हेरोइन बरामद कर ली.

एआईजी ने बताया कि आरोपियों को उनके हैंडलर्स द्वारा इस तस्करी के बदले भारी मुनाफे का लालच दिया गया था. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी और और भी बरामदगियां होने की संभावना है.

इस मामले में अमृतसर स्थित एसएसओसी Police स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत तथा भारतीय वायुयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत First Information Report 17 अप्रैल को दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

एएसएच/डीकेपी