जयपुर. Rajasthan पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण उदयपुर में देखने को मिला है. जब राज्य के डीजीपी राजीव शर्मा और एडीजी स्तर के अधिकारी खुद उदयपुर दौरे पर हैं और अपराध समीक्षा बैठकों में सख्त निर्देश दे रहे हैं, उसी दौरान उदयपुर में तैनात एडिशनल एसपी के लिए खुलेआम 3.50 लाख रुपये की रिश्वत ली जा रही थी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जयपुर की टीम ने मंगलवार को स्पेशल इंवेस्टिगेशन यूनिट क्राइम अगेंस्ट वुमन सेल के एडिशनल एसपी हितेश मेहता के लिए 3.50 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए दलाल शांतिलाल सोनी पुत्र गोपाललाल सोनी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया.

एसीबी एडीजी स्मिता वास्तव के अनुसार, जयपुर कार्यालय में परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने बीएमडब्ल्यू कार की बिक्री के बकाया रुपये दिलवाने और दर्ज कराए जा रहे प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध चालान पेश कर निपटारा करवाने के लिए दलाल शांतिलाल सोनी, एडिशनल एसपी हितेश मेहता के लिए 3.50 लाख रुपये रिश्वत मांग रहा है.
शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें दलाल द्वारा एडिशनल एसपी हितेश मेहता के लिए रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद जयपुर से एसीबी एडिशनल एसपी ज्ञान प्रकाश नवल की टीम उदयपुर पहुंची. स्थानीय एसीबी के सहयोग से ट्रैप कार्रवाई की गई और दलाल शांतिलाल सोनी को 3.50 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया.
एसीबी एडिशनल एसपी ज्ञान प्रकाश नवल ने बताया कि उदयपुर में पदस्थ एडिशनल एसपी हितेश मेहता की भूमिका इस पूरे मामले में संदिग्ध है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. दलाल से पूछताछ के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी.
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