
Mumbai , 17 अप्रैल . तमिल फिल्म इंडस्ट्री के Actor और टीवीके के प्रमुख विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाया है. अदालत ने इस फिल्म के डिजिटल और केबल टीवी रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी है. यह फैसला उस समय आया, जब फिल्म को लेकर पहले से ही सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया और कानूनी विवाद चल रहे थे.
दरअसल, फिल्म को पहले पोंगल के मौके पर रिलीज करने की तैयारी थी, लेकिन तभी सेंसर बोर्ड (सीबीएफसी) ने इसमें कुछ आपत्तियां उठाईं. बोर्ड का कहना था कि फिल्म में मिलिट्री से जुड़े कुछ सीन्स हैं और कुछ हिस्से ऐसे हैं, जो समाज में तनाव या गलत संदेश पैदा कर सकते हैं. इसी वजह से फिल्म को सीधे सर्टिफिकेट देने की बजाय रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया, ताकि इसकी दोबारा जांच हो सके.
इस फैसले से असंतुष्ट होकर फिल्म के निर्माताओं ने अदालत का रुख किया. पहले एक सिंगल जज ने सेंसर बोर्ड को आदेश दिया था कि फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट दिया जाए, लेकिन इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई. इसके बाद एक डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया और मामला फिर से उसी जज के पास भेज दिया, ताकि फिर से विचार किया जाए.
इस कानूनी प्रक्रिया के चलते फिल्म की रिलीज लगातार अटकती चली गई. इसी बीच प्रोडक्शन टीम ने वह मामला वापस ले लिया, जो पहले सिंगल जज के सामने चल रहा था. इसके बावजूद, फिल्म सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी के पास जांच में बनी रही. इसी दौरान फिल्म से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.
दरअसल, इस बीच फिल्म ऑफिशियल सर्टिफिकेशन मिलने से पहले ऑनलाइन लीक हो गई. इसके बाद फिल्म के प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शन्स ने तुरंत मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया और मांग की कि फिल्म को वेबसाइटों और केबल टीवी नेटवर्क पर दिखाने से रोका जाए.
जब यह मामला जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति के सामने आया, तो प्रोडक्शन कंपनी ने दलील दी कि फिल्म को बिना अनुमति के इंटरनेट पर रिलीज करना पूरी तरह गैरकानूनी है. इससे न केवल फिल्म की कमाई पर असर पड़ेगा, बल्कि पूरी फिल्म की व्यावसायिक योजना भी बिगड़ जाएगी.
अदालत ने इन तर्कों को गंभीरता से लिया और माना कि अगर फिल्म इस तरह बिना सर्टिफिकेशन के प्रसारित होती रही, तो इससे निर्माताओं को बड़ा नुकसान हो सकता है. इसी आधार पर कोर्ट ने वेबसाइटों और केबल टीवी प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म के प्रसारण पर अंतरिम रोक लगा दी.
इसके साथ ही अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भी इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 2 जून तय की है.
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पीके/एबीएम
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