
गाजीपुर, 23 जुलाई . उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में जनपद न्यायालय ने पॉक्सो के एक आरोपी को 12 साल की सजा सुनाई और साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. यह फैसला जनपद न्यायालय के पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश राम अवतार प्रसाद ने सुनाया है.
पॉक्सो कोर्ट ने सिकंदर राजभर को दोषी माना है और उसे 12 साल की जेल और 25,000 रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है.
सहायक शासकीय अधिवक्ता रामकुमार राय ने बताया कि कासिमाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला सिकंदर राजभर पहले एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया और फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए.
रामकुमार राय ने समाचार एजेंसी से खास बातचीत में Thursday को कोर्ट के फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर नाबालिग की मां ने मुकदमा दर्ज कराया था.
अधिवक्ता ने आगे बताया कि इस मामले में कई गवाहों ने बयान दिया. इसके बाद न्यायाधीश राम अवतार प्रसाद ने गुण-दोष के आधार पर सिकंदर को इस मामले में दोषी पाया और उसे 12 साल की सजा तथा 25,000 रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई.
बता दें कि यह पूरा मामला साल 2017 का है. आरोपी पड़ोस में रहने वाली नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसे भगा ले गया. कुछ दिनों बाद Police ने आरोपी को पकड़ लिया था. नाबालिग लड़की की मां की शिकायत के आधार पर Police ने पॉक्सो के तहत मामला दर्ज किया था.
इस मामले को लेकर गाजीपुर Police का कहना है कि Police महानिदेशक, उ.प्र., Lucknow द्वारा चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के अंतर्गत मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी कर न्यायालय से सजा दिलाई गई.
Police ने कहा कि 23 जुलाई को मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप थाना दर्ज प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध करते हुए अभियुक्त सिकंदर राजभर को धारा 8 पॉक्सो एक्ट में 12 वर्ष का कठोर कारावास व 25,000 रुपए अर्थदंड (अर्थदंड अदा न करने पर 1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास), धारा 363 भादवि में 5 वर्ष का साधारण कारावास व 5,000 रुपए अर्थदंड (अर्थदंड अदा न करने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास) तथा धारा 366 भादवि में 7 वर्ष का साधारण कारावास व 10,000 रुपए अर्थदंड (अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास) की सजा से दंडित किया गया.
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एएमटी/डीकेपी
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