
New Delhi, 10 जून . पिछले 12 वर्षों में India की अर्थव्यवस्था में व्यापक और मजबूत बदलाव देखने को मिला है. इस दौरान आर्थिक वृद्धि, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र, निर्यात और निवेश के माहौल में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. यह बात उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने Wednesday को कही.
Prime Minister Narendra Modi को India का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला Prime Minister बनने पर बधाई देते हुए मिंडा ने कहा कि उनके नेतृत्व में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं.
मिंडा ने कहा, “हमारी अर्थव्यवस्था के विकास के बुनियादी सिद्धांत दुनिया की किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था के बराबर या उससे बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की मजबूत वृद्धि के चलते देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2013-14 में 1.9 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 4.1 लाख करोड़ डॉलर हो गया है.”
उन्होंने आगे कहा कि देश की जीडीपी वृद्धि दर 2013-14 के 6.4 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 7.7 प्रतिशत हो गई है. साथ ही, अर्थव्यवस्था से जुड़े शीर्ष 10 प्रमुख संकेतकों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है, जिससे India की पहचान दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत हुई है.
एसोचैम के अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और सुधारों का उल्लेख किया. इनमें मेक इन इंडिया, जन धन योजना, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, वस्तु एवं सेवा कर (GST), उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, हरित हाइड्रोजन मिशन, नई विदेश व्यापार नीति 2023, लॉजिस्टिक्स और सीमा शुल्क के डिजिटलीकरण से जुड़े सुधार तथा India औद्योगिक विकास योजना (भव्य) शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “आज India वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में एक चमकता हुआ केंद्र बन चुका है.”
वहीं, एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय तेजी आई है. यह क्षेत्र 2013-14 में 0.7 प्रतिशत की गिरावट में था, जबकि 2025-26 में इसकी वृद्धि दर 10.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
उन्होंने बताया कि सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर भी इसी अवधि में 7.8 प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई है.
बाहरी क्षेत्र के प्रदर्शन पर सान्याल ने कहा कि India का निर्यात 2013-14 के 466 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 860 अरब डॉलर हो गया है. वहीं चालू खाता घाटा 1.7 प्रतिशत से घटकर 0.6 प्रतिशत पर आ गया है.
उन्होंने आगे कहा कि निवेश के माहौल में भी बड़ा सुधार हुआ है. सेंसेक्स 2013-14 के 22,386 अंक से बढ़कर 2025-26 में 71,947 अंक तक पहुंच गया है. इसी तरह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी 45 अरब डॉलर से बढ़कर 95 अरब डॉलर हो गया है.
एसोचैम के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. एसपी शर्मा ने कहा कि अर्थव्यवस्था को लगातार किए गए सुधारों और संरचनात्मक पहलों का लाभ मिला है.
उन्होंने भी मेक इन इंडिया, जन धन योजना, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, GST, पीएलआई योजना, हरित हाइड्रोजन मिशन, नई विदेश व्यापार नीति 2023, लॉजिस्टिक्स और सीमा शुल्क सुधार तथा India औद्योगिक विकास योजना (भव्य) जैसी योजनाओं का उल्लेख किया.
एसोचैम ने कहा कि इन नीतियों और सुधारों ने India की आर्थिक प्रगति को नई गति दी है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में देश की स्थिति को और मजबूत बनाया है.
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डीबीपी
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