
कोलकाता, 5 जुलाई . पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले से कुख्यात रेत माफिया अजय हरि को गिरफ्तार कर लिया गया है.
पश्चिम बर्धमान जिले की मालंदीघी चौकी की Police ने Saturday रात उसे बिदबिहार इलाके से गिरफ्तार किया. आरोप है कि रेत की तस्करी के रैकेट से कमाए गए पैसे से करोड़ों रुपये की संपत्ति, घर और गाड़ियां खरीदी गईं.
Police ने बताया कि उसे आज दुर्गापुर सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया जाएगा. Police रेत तस्करी मामले की जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए उसकी कस्टडी की मांग करेगी. Police यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और पूरा रैकेट कैसे काम करता था.
Police के मुताबिक, अजय हरि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बहुत करीबी माने जाते रहे हैं. पश्चिम बंगाल में अजय नदी से रेत निकालने के आरोप लंबे समय से लगते रहे हैं. हालांकि, आरोप है कि पिछली Government के कार्यकाल के दौरान Police और प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में रेत माफिया सीपीआईएम के दौर में पनपा और तृणमूल के दौर में उसका प्रभाव बढ़ा.
अजय हरि नदी से अवैध रूप से रेत निकालता था और फिर उसकी तस्करी करता था. 2011 में लेफ्ट फ्रंट Government के गिरने के बाद, समय के साथ तृणमूल नेताओं के साथ उसकी नजदीकिया बढ़ीं. Police ने बताया कि तब से उसकी संपत्ति में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है और उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति जमा कर ली है.
आसनसोल-दुर्गापुर Police कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हरि के पास घर, लग्जरी गाड़ियां, ट्रैक्टर, डंपर, रेत निकालने वाली मशीनें और जेसीबी हैं. इतना ही नहीं, वह ईंट भट्ठे के कारोबार में भी शामिल था. समय के साथ उसने एक आश्रम भी बनाया.
हालांकि, राज्य में Government बदलने के बाद अवैध रेत तस्करी रैकेट को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं. भाजपा Government ने साफ कर दिया है कि तृणमूल कांग्रेस के दौर में चल रहे किसी भी अवैध या अनैतिक काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. Police से कहा गया है कि वे अपराधियों और माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाएं.
पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही हरि फरार था और छिपकर रह रहा था. हालांकि, आखिरकार कानून की पकड़ में वह आ ही गया और Police ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
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एएसएच/पीएम
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